जलालाबाद (शाहजहांपुर)। नगरिया बुजुर्ग के सरकारी स्कूल में लावारिस पशु बंद किए जाने की खबर ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई। मुख्यमंत्री के आदेश के मद्देनजर डीएम ने एसडीएम और सीओ से जांच कराई और इसके बाद प्रधानाध्यापक की ओर से 28 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखवा दी गई।
नगरिया बुजुर्ग के ग्रामीणों ने 20 लावारिस पशुओं को बुधवार रात ट्रक से स्कूल लाने के बाद उन्हें स्कूल में बंद कर मेन गेट पर ताला लगा दिया था। बृहस्पतिवार सुबह स्कूल पहुंचे बच्चे काफी देर तक बाहर खड़े रहे। बाद में शिक्षकों ने कुछ ग्रामीणों की मदद से किसी तरह जानवरों को बाहर निकाला। इसके बाद पढ़ाई शुरू हो सकी। मामला सामने आने पर डीएम ने शुक्रवार सुबह एसडीएम विजय शर्मा व सीओ शिवप्रकाश दुबे को मौके पर जांच के लिए भेजा। इसी के बाद स्कूल की प्रधानाध्यापक शिखा शुक्ला की ओर से रिपोर्ट लिखाने के लिए तहरीर दी गई।
तहरीर में गांव के शिवसिंह, राकेश, ओमकार, हुकुम सिंह, रजनेश व शीशपाल को नामजद करते हुए कहा गया है कि इन लोगों ने अपने 20-22 अन्य लोगों के साथ शासन-प्रशासन की छवि धूमिल करने के उद्देश्य से 20-25 लावारिस जानवरों को स्कूल के गेट का ताला तोड़कर अंदर बंद कर दिया। पुलिस ने इस मामले में पशु क्रूरता अधिनियम व संपत्ति निवारण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली।