दरोगा भर्ती परीक्षा 2016 के मेडिकल और डाक्युमेंट वेरिफिकेशन के दौरान बागपत का तरुण कुमार ‘नकली अंगूठा’ लगाकर बायोमेट्रिक मशीन को धोखा देने में कामयाब हो गया था। मशीन ने प्लास्टिक की झिल्ली पर बनाई गई अंगूठे की नकल स्वीकार करके वेरिफिकेशन क्लियर कर दिया था। लेकिन पसीना आने के कारण यह झिल्ली मशीन की स्क्रीन पर चिपकी रह गई। एसीएम सेकेंड रोहित यादव की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने फौरन पूरी प्रक्रिया रुकवा दी। इस खुलासे के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। एसएसपी ने मामले की रिपोर्ट शासन और पुलिस भर्ती बोर्ड को भेज दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि पुलिस भर्ती बोर्ड नए सिरे से अभ्यर्थियों के वेरिफिकेशन के आदेश दे सकता है।
बागपत के दोघट थाना के गांव गैड़बरा में रहने वाले किसान सुखदेव सिंह के बेटे तरुण कुमार की दरोगा भर्ती की बड़ौत के टारगेट कोचिंग सेंटर में तैयारी के दौरान माननौली के वसंत से मुलाकात हुई थी। तरुण के मुताबिक वसंत ने 16 लाख रुपये में सेलेक्ट होने का शार्टकट बताया था। उसी ने सचिन नाम के साल्वर का उसे पता बताया। तरुण की रजामंदी के बाद वसंत ने सचिन तक उसका मोबाइल नंबर पहुंचाया था। 14 दिसंबर 2017 को तीसरी शिफ्ट में होने वाली लिखित परीक्षा के लिए मेरठ के जेपी इंस्टीट्यूट में तरुण का सेंटर पड़ा था। परीक्षा से एक घंटे पहले तरूण की सचिन से पहली मुलाकात हुई थी। सचिन ने उससे प्रवेश पत्र और रोल नंबर ले लिया। प्रवेश पत्र में तरुण की जगह अपनी फोटो लगाई और परीक्षा देने चला गया। परीक्षा देने के बाद सचिन ने उसे भरोसा दिलाया कि उसका पास होना तय है, जिसके बाद छह लाख रुपये तरुण ने सचिन को दिए थे। बाकी रुपया ज्वाइनिंग के समय देने की बात तय हुई थी।
तरुण की गिरफ्तारी के बाद अब दरोगा भर्ती परीक्षा पर सवाल उठने लगे है। दिल्ली के सॉल्वर सचिन की मदद से मेरठ में आयोजित लिखित परीक्षा को पास करने वाले तरुण कुमार की तरह कितने ऐसे अभ्यर्थी है, इस सवाल ने अधिकारियों को परेशानी में डाल दिया है। एसएसपी कार्यालय से पूरे मामले में पुलिस भर्ती बोर्ड, डीजीपी कार्यालय और शासन को रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। दरोगा भर्ती परीक्षा की स्कैनिंग भी शुरू हो चुकी है।
सचिन के साथ और कितने लोग इस खेल में शामिल है, इसका पता किया जा रहा है। इस मामले की रिपोर्ट शासन और पुलिस भर्ती बोर्ड को भेजी गई है। तरुण कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराकर जेल भेजा गया है। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी