बैंक मैनेजर से लूट के बाद एसएसपी कलाधिनि नैथानी ने खुलासे के लिए क्राइम ब्रांच और भमोरा पुलिस को लगाया है। क्राइम ब्रांच ने रोडवेज बसअड्डे पर एक होटल के सीसीटीवी कैमरे की जांच की, लेकिन रविवार रात 11:30 बजे संदिग्ध कार सवार बदमाश नजर नहीं आए। पुलिस अब सुशील के बताए रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिये बदमाशों का सुराग तलाश रही है। वहीं एसएसपी ने रेलवे स्टेशन, बस अड्डा के पास टैक्सी चलाने वालों का भी डाटा बैंक बनाने का निर्देश दिया है ताकि वारदात होने पर उनको ट्रेस किया जा सके।
यह कोई पहला मामला नहीं जब लिफ्ट देने के बहाने बदमाशों ने लूटपाट की हो। नवंबर 2017 में पुलिस ने तीन बदमाशों को पकड़कर वारदातों का खुलासा किया था, लेकिन इसके बाद भी वारदातें नहीं थमी। अब इस वारदात के बाद पूर्व में इस तरह की घटनाओं में संलिप्त बदमाशों का डाटा भी खंगाला जा रहा है। पुलिस का मानना है कि यह लूट स्थानीय गिरोह का काम नहीं है। बाहर का गिरोह वारदात करने के बाद जनपद से बाहर निकल गया।
भूरे रंग की कार से हुई वारदात
सुशील कुमार ने पूछताछ में बताया कि कार गहरे भूरे रंग की है। अब सीसी टीवी में ऐसा कार नजर नहीं आने के बाद पुलिस मान रही है कि हो सकता है कि जल्दबाजी में कार के रंग में भ्रम हो गया हो। एसएसपी ने सर्विलांस की टीम को भी लगा दिया है।