मूसलाधार बारिश ने चक महमूद में एक परिवार की खुशियां छीन लीं। रिक्शा चालक मो. यूनुस के घर के बगल के प्लाट में बारिश का पानी भरने के बाद दबाव के चलते उनके घर की दीवार भरभराकर ढह गई। दीवार गिरने के बाद प्लाट में भरा हुआ पानी घर में घुस गया। परिवार घर के सामान को बचाने की जुगत में लगा, लेकिन पानी के बहाव में तीन साल का अखलाक बह चुका था। मो. यूनुस की पत्नी आसमा को इकलौते बेटे अखलाक का ख्याल आया। वह चीख पुकार करते हुए अखलाक को खोजने लगी।
मोहल्ले के लोग भी मदद के लिए पानी में कूद पड़े। दीवार के मलबे से लेकर पानी में तीन साल के मासूम की तलाश शुरू हो गई। गंदे पानी में तमाम कोशिशों के बाद भी मासूम को नहीं ढूंढा जा सका। तकरीबन 20 मिनट बाद एक मोहल्ले वाले ने बेड के नीचे अखलाक को पानी में उतराते देखा। अखलाक घर में भरे पानी में डूब चुका था। पानी से अखलाक को निकालने के बाद स्टेडियम रोड स्थित निजी अस्पताल में ले जाया गया। डाक्टर ने देखते ही मृत घोषित कर दिया।
घर में भरा हुआ था पानी, मायके लेकर पहुंचे शव
अपने तीन साल के इकलौते बेटे का शव लेकर मो. यूनुस घर वापस नहीं जा सकते थे। लिहाजा शव को लेकर कुमार टाकीज के पास सराय स्थित पत्नी के मायके पहुंचे। मोहल्ले के लोगों के मुताबिक परिवार का पूरा सामान गंदे पानी में डूब चुका है, यहां तक कि पहनने के कपड़े तक नहीं बचे।
अखलाक को देख होश खो बैठी मां
मासूम की मौत के बाद परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। मां आसमा के आंसू थमने के नाम नहीं ले रहे थे। मां की विलाप सुनकर मोहल्ले में भी मातम छा गया। रोते हुए अखलाक की मां बेहोश हो जा रही थी, मोहल्ले के महिलायें उन्हें संभाल रही थी। अखलाक के शव को देखकर आसमा अपने बेटे को जब उठने के लिए कहती तो लोगों की आंखें नम हो जा रही थी।
कई प्लाट में भरा रहता है पानी, हो सकते हैं हादसे
चक मेहमूद निवासी अब्दुला ने बताया कि यहां कई खाली पड़े प्लाट में पानी भरने के बाद ऐसे हादसे का खतरा बना रहता है। मो. यूनुस के घर की दीवार सिंगल ईट की बनी हुई थी, इसलिए पानी का दबाव नहीं झेल सकी। लोगों में इस घटना के बाद आक्रोश भी नजर आया। लोगों ने मदद के लिए यूपी 100 को भी फोन किया, लेकिन पुलिस नहीं पहुंची।