बरेली। संवेदनशील मामलों में पुलिस किस तरह कार्रवाई करती है, जाटवपुरा से लापता 11 वर्षीय वंश का मामला इसकी मिसाल बन गया है। शहर भर में खुद ही उसकी गुमशुदगी के पोस्टर लगाता घूम रहे जिन परिवार के लोगों ने बृहस्पतिवार को पुलिस पर ठीक से बात भी न करने का आरोप लगा रहे थे, वे शुक्रवार को यह गुहार करने लगे कि पुलिस पर कोई उंगली न उठाई जाए। यह पूछने पर कि क्या पुलिस की तरफ से कोई दबाव पड़ा है, चुप्पी साध गए। यही नहीं बृहस्पतिवार को वंश की बहन जो पोस्टर लगा रही थी, उसका क्रेडिट भी पुलिस ने खुद ले लिया। बताया कि ये पोस्टर तो पुलिस ने भी छपवाकर दिए हैं। यह भी दावा किया कि वंश की तलाश में एक टीम पीलीभीत भेजी गई है, लेकिन पीलीभीत पुलिस ने प्रेमनगर पुलिस का यह दावा भी खारिज कर दिया।
बहरहाल, वंश का तलाश में उसका परिवार शुक्रवार को भी शहर में भटकता रहा। जाटवपुरा की निर्मला का इकलौता बेटा वंश दो फरवरी से लापता है। परिवार ने प्रेमनगर थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई है। लेकिन पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया। हरियाणा के करनाल में ब्याही वंश की तीनों बहनें अपने इकलौते भाई की तलाश में शहर में भटक रही हैं और गली-गली उसकी गुमशुदगी के पोस्टर चिपकाने के साथ लोगों से मदद के लिए मिन्नत कर रही हैं। शुक्रवार को अमर उजाला में पुलिस की लापरवाही की खबर छपी तो प्रेमनगर पुलिस हरकत में आई, लेकिन वंश को तलाश करने के लिए नहीं बल्कि यह जताने के लिए कि पुलिस वंश की तलाश में पूरी तरह जुटी हुई है। इंस्पेक्टर बलवीर सिंह ने बताया कि कासगंज में ऐसे ही एक बच्चे के देखे जाने की सूचना पर उन्होंने छानबीन कराई लेकिन वह बच्चा कोई और निकला। यह भी बताया कि वंश की तलाश में एक टीम पीलीभीत भी भेजी गई है जो वहां पोस्टर लगवा रही है। लेकिन पीलीभीत के कोतवाली प्रभारी केपी सिंह और शहर के थाना सुनगढ़ी के कार्यवाहक प्रभारी पुष्कर सिंह ने प्रेमनगर पुलिस का दावा यह कहकर खारिज कर दिया कि बरेली पुलिस ने किसी बच्चे की गुमशुदगी के संबंध में उनसे संपर्क नहीं किया है।
पोस्टर चस्पा कराने का ऐसा दावा..
वंश की बहनें शहर में जो पोस्टर लगा रही हैं, उन पर नीचे उसके संबंध में कोई भी सूचना देने के लिए थाना प्रेमनगर के सबइंस्पेक्टर कपिल का नाम लिखा है। पुलिस ने इसी के बहाने पोस्टर छपवाने का क्रेडिट ले लिया, लेकिन इस पोस्टर पर वंश का पता बताने वाले को उचित इनाम की भी घोषणा की गई है। प्रेमनगर पुलिस से इनाम की धनराशि के बारे में पूछताछ की गई तो उसने पल्ला झाड़ लिया। बताया कि इनाम तो वंश का परिवार देगा। यह बात उन्होंने ही पोस्टर में लिखवाई है।