ठग लोगों से रकम ऐंठने के नित नए तरीके अपना रहे हैं। पुराने शहर में ठगों ने प्रधानमंत्री आवास आवास दिलाने के लिए सर्वे करने के नाम पर ही लोगों से हजारों रुपये ठग लिए। लोगों को जब ठगे जाने का एहसास हुआ तो उन्होंने एकजुट होकर दो ठगों को दबोच लिया और उन्हें थाना बारादरी पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कर उनसे पूछताछ शुरू कर दी है।
अभी तक ग्रामीण इलाकों में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर ठगी होती थी लेकिन दो युवकों ने बारादरी थाने से सौ मीटर की दूरी पर कांकर टोला में रहने वाले कई लोगों से हजारों रुपये ठग लिए। 15 दिन पहले बारादरी के कांकर टोला निवासी अर्जुन और विशाल प्रधानमंत्री आवास योजना के फार्म लेकर वहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे डूड कार्यालय से आए हैं। शहरी क्षेत्र में गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को प्रधानमंत्री आवास दिए जाएंगे। कहा, अभी सर्वे हो रहा है। उन्होंने फार्म दिखाए तो लोगों ने उनकी बात पर भरोसा कर लिया। कांकर टोला केअहसान रजा, नोमान रजा, राशिद, शाहीन, आमिर, वाजिद आदि ने फार्म भर दिए। अर्जुन ने इन सभी से आधार और पेन कार्ड ले लिए। विशाल ने सर्वे के नाम पर डेढ़-डेढ़ हजार रुपये वसूल लिए। कहा, यह रकम डूडा दफ्तर में देनी में देनी होगी, तभी आवास के लिए उनका नंबर आ पाएगा। आवास स्वीकृत होने के बाद डाक विभाग के जरिये सूचना मिले।
लोगों को जब 10 दिन तक कोई सूचना नहीं मिली तो वे समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश अध्यक्ष आशु खान के साथ डूडा ऑफिस पहुंचे और योजना के बारे में पता किया। वहां बताया गया कि अर्जुन और विशाल नाम के कोई कर्मचारी ही वहां नहीं है और न ही अभी शहरी योजना के फार्म आए हैं। शुक्रवार को दोनों लोग शाम चार बजे कांकर टोला में चंदा बी के घर पहुंचकर फार्म भरने लगे। लोगों को पता चला तो उन्होंने आशु खान को खबर कर दी। उनके साथ बड़ी संख्या में ठगी के शिकार लोगों ने चंदा बी के घर पहुंचकर दोनों को दबोच लिया और फिर बारादरी पुलिस के हवाले कर दिया। इंस्पेक्टर बारादरी सतीश कुमार ने बताया कि अुर्जन बानखाना और विशाल ब्रह्मपुरा का रहने वाला है। दोनों के खिलाफ ठगी और धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।