बरेली। प्रधानी चुनाव की रंजिश में प्रधान पति और उसके बेटों ने हमला करके दूसरे पक्ष के एक युवक को अधमरा कर दिया। इस हमले में उसकी आंख की रोशनी चली गई और जबड़ा टूट गया। प्रधान पति के रसूख के चलते जानलेवा हमले के मामले में सिर्फ मारपीट की एनसीआर दर्ज की गई। मामला एसपी क्राइम रमेश भारती के सामने पहुंचा तो उन्होंने विवेचक को तलब करके फटकारा और मामले की जांच सीओ आंवला को सौंपकर तीन दिनों में रिपेार्ट देने के लिए कहा है।
एसएसपी कार्यालय में वीरेंद्र ने बताया कि गांव कांधरपुर से प्रधानी चुनाव मेें उनके चाचा सुरेश वर्मा खड़े हुए थे लेकिन जीती भूरी देवी पत्नी नंद राम जीती थी। जिसके बाद दोनों पक्षों में विवाद चला आ रहा है। अक्टूबर 2016 में रात आठ बजे धर्मवीर के घर में दूसरे समुदाय के नंदराम, उसके बेटे रवि, राजू सहित आधा दर्जन लोग घुस आए। सभी के पास तमंचे थे। सभी की पिटाई की गई। हमले में धर्मवीर बेहोश हो गया। लखनऊ के केजीएमयू अस्पताल में होश में आने के बाद पता चला कि उसकी एक आंख की रोशनी जा चुकी थी। जबड़ा भी टूट चुका था। वादी के आरोप है कि जान से मारने की नियत से हमला होने के बावजूद एनसीआर धारा 326 में दर्ज की गई। पुलिस विवेचना पर सवाल उठाते हुए वादी ने एसपी क्राइम रमेश भारती को शिकायत सौंपी थी। उन्होंने विवेचक दरोगा प्रेम पाल वाष्णेय को तलब करके फटकारा और विवेचना को निष्पक्ष करने के निर्देश जारी किए हैं।
दरोगा पर एक लाख मांगने का आरोप
एक आंख गंवा चुके धर्मवीर ने बताया कि दरोगा ने धारायें बढ़वाने के लिए उनसे एक लाख रुपया मांगा था। उन्होंने रुपया नहीं दिया। उन्हें अंदेशा है कि विपक्षी पक्ष से उन्होंने रुपया लेने के बाद विवेचना में उन्हें लाभ पहुंचा रहे हैं। धर्मवीर के अनुसार उन्हें अभी भी खतरा बना हुआ है।