बरेली। कैंट थाना क्षेत्र के ठिरिया निजावत खां में अरसे से बंद उप स्वास्थ्य केंद्र में अवैध तरीके से रह रहे नगर पंचायत के सफाईकर्मी ने एक पशु काट दिया। इसकी जानकारी एक समुदाय को हुई तो उन्होंने हंगामा कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाबुझाकर शांत कराया। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि मांस नहीं मिला।
गांव का उप स्वास्थ्य केंद्र बंद पड़ा है। पहले यहां बैठकर एएनएम टीकाकरण करती थीं जो काम अब डोर टू डोर होने लगा है। प्रेमवती नाम की महिला यहां निजी तौर पर दायी का काम करती थी। इसी परिसर में बने एक कमरे में वो परिवार समेत रहने लगी थीं। तीन साल पहले उनकी मौत हो गई। तब से उनका बेटा अपनी पत्नी और चार बच्चों के साथ इसी आवास में कब्जा जमाए है। वो ठिरिया नगर पंचायत में सफाईकर्मी है। रविवार सुबह वो एक जानवर लेकर आया और इसी आवास में उसे काट दिया। इसकी जानकारी दूसरे समुदाय को हुई तो वे हंगामा करने लगे और यूपी 100 को बुला लिया। पुलिस आरोपी व उसके लाल फाटक निवासी नाबालिग साले को थाने ले आई। इंस्पेक्टर अशोक पाल को उसने बताया कि देवी पूजा के बाद बच्चे के स्वास्थ्य के लिए जानवर को काटा था। इसे पकाकर खा भी लिया। लोगों ने फिजूल में हंगामा कर दिया। उधर, देर शाम तक कोई तहरीर नहीं आई थी। इंस्पेक्टर ने बताया कि तहरीर नहीं आई तो आरोपी पर पुलिस अपनी ओर से कार्रवाई करेगी।
इंस्पेक्टर ने आवास में लगवाया ताला
- स्वास्थ्य विभाग के आवास में पहले दायी और फिर उसका बेटा अवैध रूप से कई साल से रह रहे थे। इस बारे में इंस्पेक्टर ने जानकारी जुटाने की कोशिश की पर कुछ पता नहीं लगा। तब उन्होंने आवास में ताला लगाकर उसकी चाबी नगर पंचायत चेयरमैन को दिलवा दी। कहा कि सरकारी आवास में कोई दोबारा न रहने पाए।