बरेली। धोखाधड़ी के मुकदमों के बावजूद शस्त्र लाइसेंस बनवाने के मामले में आरोपी रहे रमेश मौर्य ने डीएम के आदेश पर बारादरी थाने में शस्त्र लाइसेंस प्रकरण के शिकायतकर्ता महेश पांडेय के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई। उनके आरोप है कि पूरे मामले में थाने से गई रिपोर्ट और कोर्ट में चल रहे मामलों को लेकर प्रशासन को गुमराह किया गया।
जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में रमेश चंद्र मौर्य ने आरोप लगाए कि महेश पांडेय निवासी खजाना कोठी फूल बाग और अनुपमा राघव निवासी फूलबाग ने गलत तथ्यों के आधार पर शपथपत्र दाखिल किए। न्यायालय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने झूठे तथ्यों के आधार पर बारादरी थाने में कूट रचित दस्तावेजों के जरिये धोखाधड़ी करने का मुकदमा दर्ज कराया गया। रमेश मौर्य के मुताबिक कोर्ट द्वारा 17 जनवरी 2016 को उसके लाइसेंस मीरगंज और बारादरी थाना से आई रिपोर्ट के आधार पर बहाल किए जा चुके हैं। तथ्यों को छिपाने के आरोपों पर डीएम के आदेश पर बारादरी थाने में देर रात महेश पांडेय के खिलाफ धोखाधड़ी और तथ्य छिपाने की रिपोर्ट दर्ज की गई।
18 इंस्पेक्टरों पर बैठ चुकी है विभागीय जांच
रमेश मौर्य पर मुकदमे होने के बावजूद लाइसेंस बन जाने के बाद एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने 18 इंस्पेक्टरों पर विभागीय जांच बैठाई थी। वहीं बारादरी थाने में एक एफआईआर दर्ज कराई गई थी। इसके बाद रमेश भारतीय ने शिकायतकर्ता के खिलाफ केस दर्ज कराया है।