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बरेली के डॉक्टर भी थे साइबर ठग के निशाने पर

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बरेली। बरेली में दबोचे गए झारखंड के साइबर ठग गुड्डू मंडल के निशाने पर बरेली के डॉक्टर भी थे। वह न पकड़ा जाता तो उन्हें भी ठग सकता था। उसके गूगल सर्च इंजन पर ऐसे अपडेट मिले, जिनसे अफसर भी भौचक्के रह गए।
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गुड्डू ने बताया कि उसके पिता नहीं हैं। मां ने आसनसोल स्टेशन पर दातुन बेचकर उसे पाला है। अब वह मां को काम नहीं करने देता। उसके इलाके के युवक पढ़ाई के साथ ही साइबर ठगी के धंधे में उतर जाते हैं। युवक मोबाइल को हैंडफ्री करके लोगों से बैंक अधिकारी बनकर डाटा पूछते हैं तो चार-पांच जूनियर लड़के पास बैठकर ध्यान से सुनते हैं। अस्सी फीसदी लोग झिड़क देते हैं, गालियां भी मिलती हैं, इन्हें सुनकर रिएक्ट नहीं करते। दस फीसदी लोगों को झांसे में लेकर ही अच्छी कमाई हो जाती है। तमाम मनी ट्रांसफर एप, बैंकों के आईएफएससी कोड और मोबाइल कंपनियों के उपभोक्ताओं की लिस्ट वह गूगल से निकालते हैं। नई जानकारी अपडेट करते रहते हैं। गुड्डू स्नातक प्रथम वर्ष का छात्र है। ठगी के एक मामले में दो महीने दुमका जेल में भी रह चुका है। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि बरेली के डॉक्टरों की लिस्ट, हैदराबाद के धनी लोगों और पापुलर एयर होस्टेस की लिस्ट गुड्डू ने सर्च की थी। गुड्डू ने करोड़पति साइबर क्रिमनल ऑफ इंडिया लिस्ट भी कई बार सर्च की। उसका सपना बड़ा साइबर ठग बनने का था।

झारखंड पुलिस ने बनाया सेल
देश भर में साइबर ठगी के मामलों में जामतारा की आईडी निकलने के बाद झारखंड पुलिस इसे लेकर संजीदा हुई है। एसपी क्राइम ने बताया कि झारखंड में एडीजी स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में इस पर रोक लगाने के लिए अलग से सेल बनाया गया है। बरेली पुलिस उनके संपर्क में है। कई और मामलों में खुलासे हो सकते हैं।
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