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झारखंड के जामतारा का साइबर ठग बरेली में गिरफ्तार

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बरेली। झारखंड के नक्सल प्रभावित जामतारा जिले का नाम साइबर क्राइम की दुनिया में खासा बदनाम है। वहां स्टूडेंट भी बैंक अधिकारी बनकर कॉल करके डाटा पूछकर पल भर में लाखों रुपये उड़ा देते हैं। वहां का बीए का स्टूडेंट बरेली में बहन के घर आया तो यहां भी उसने ठगी कर ली। क्राइम ब्रांच ने योजनाबद्ध तरीके से उसे पकड़ लिया।
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जामतारा के सियाटांड गांव निवासी गुड्डू मंडल को इंटेलीजेंस विंग प्रभारी नरेश त्यागी की टीम ने पकड़ा। एसपी क्राइम रमेश भारतीय ने बताया कि गुड्डू बरेली के रजऊ गांव में अपनी बहन निशा के घर आया था। उसने 26 दिसंबर को खुद को बैंक अधिकारी बताकर गोल्डन ग्रीन पार्क निवासी ज्ञानेश बाबू को से फोन पर बात की और अकाउंट डिटेल लेकर उनके खाते से 60 हजार रुपये उड़ा लिए। उसने फ्लिपकार्ट पर वीवो मोबाइल का ऑर्डर कर दिया। ज्ञानेश की शिकायत पर सर्विलांस टीम ने पाया कि ठगी जामतारा की आईडी के नंबर से हुई है पर उसकी लोकेशन बरेली के पास है। इसे ट्रेस कर टीम ने खुद को कोरियर मैन बताकर गुड्डू को कॉल की और वीवो मोबाइल रिसीव करने को कहा। वह रजऊ ढाबे के पास आया और पकड़ा गया। उसके मोबाइल में रुपये ट्रांसफर करने के आठ एप और बैंकों से जुड़ी जानकारियां मिलीं।

तीन और ठग चिह्नित, जामतारा जाएगी टीम
एसपी क्राइम ने बताया कि इसी तरह की ठगी के मामलों को लेकर क्राइम ब्रांच टीम हाल ही में जामतारा में 10 दिन रुकी थी। चार ठग निशाने पर थे, इनमें से एक की बीमारी से मौत हो गई। टीम फिर जाकर बाकी तीन की तलाश करेगी। गुड्डू ने बताया कि जामतारा के एक बड़े दुकानदार से उसकी दोस्ती है। ठगी के बाद अक्सर दुकानदार के वॉलेट में रकम डालकर खरीददारी करता है। बाद में माल वापस हो जाता है, दुकानदार उसे साठ फीसदी धन भी लौटा देता है।
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