बरेली। भोजीपुरा के गांव सागलपुर निवासी दिव्यांग रिफाकत को शिक्षक की नौकरी देने का झांसा देकर मदरसा प्रबंधक ने उससे ढाई लाख रुपये ले लिए, लेकिन उसे नौकरी नहीं दी। रकम वापस मांगी तो धमकी दी। इसे लेकर घर में कलह हुई तो दिव्यांग की बीवी ने आत्महत्या कर ली। बीवी की मौत के बाद दिव्यांग को जेल और काटनी पड़ी। पीड़ित ने गुरुवार को प्रबंधक के खिलाफ एसएसपी को पत्र देकर धोखाधड़ी की रिपोर्ट कराने की मांग की है। रिफाकत का कहना है कि उसने आठ मार्च, 2013 को उसने मदरसे में शिक्षक की नौकरी देने का वादा करने पर प्रबंधक को पत्नी के जेवर बेचकर और रिश्तेदारों से उधार लेकर डाई लाख रुपये दिए थे। छह महीने मदरसे में पढ़ाया भी, लेकिन वेतन नहीं मिला। इससे घर में कलह शुरू हो गई। पत्नी ने 29 अप्रैल, 2014 को आत्महत्या कर ली तो ससुरालियों ने रिपोर्ट करा दी। तीन साल बाद 15 सितंबर, 2017 को जेल से छूटने के बाद प्रबंधक से रुपये मांगे तो वह धमकाने लगा। एसएसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया है।