रामपुर बाग में प्रेमिका के साथ पकड़ा गया दिल्ली का छात्र अपने अपहरण की कहानी सुनाकर एकबारगी पुलिस को गुमराह करने में कामयाब हो गया, लेकिन अब उसकी प्रेमकहानी की परतें एक-एक करके खुल रही हैं। पुलिस और इस किशोरवय प्रेमी-प्रेमिका के परिवार वालों के लिए चौंकाने वाला नया खुलासा यह हुआ कि छात्र के बरेली आने से पहले छात्रा उससे मिलने दिल्ली गई थी।
कोतवाली के एसएसआई अजय सिंह के मुताबिक छात्रा अपने दोस्त से मुलाकात के लिए परिवार से छिपकर दिल्ली जा चुकी हैं। गिफ्ट, ट्रेन का किराये से लेकर होटलों में पार्टी के पैसे कहां से आते थे, इस बाबत छात्रा खामोश रही। पुलिस के मुताबिक दोनों छात्र और छात्रा नाबालिग होने के बावजूद बड़ों की तरह व्यवहार कर रहे थे। पुलिस के मुताबिक उनका किसी हिल स्टेशन पर घूमने का प्लान भी बन रहा था, लेकिन बरेली में पकड़े जाने के बाद उनका कार्यक्रम धरा रह गया।
बता दें कि इन दोनों को शनिवार को पुलिस ने रामपुर बाग से पकड़ा था। इनके साथ एक अन्य किशोर भी था। छात्र दिल्ली के छतरपुर का रहने वाला था। पुलिस ने उससे बरेली आने के बाबत पूछा तो उसने दिल्ली से अपना अपहरण होने की कहानी पुलिस को सुना दी। कहानी इतनी संजीदगी से कही गई कि पुलिस भी चौंक गई। तीनों को थाने लाया गया। पुलिस ने तीनों से अलग-अलग पूछताछ की तो बयानों में विरोधाभास सामने आए। दिल्ली के छात्र की जेब से ट्रेन का टिकट (आनंद विहार से बरेली) मिलने के बाद उसकी पोल खुल गई। पुलिस ने दोनों के परिवारों को हिदायत देने के बाद किशोर और किशोरी को उनके हवाले किया।
मोबाइल और इंटरनेट जिम्मेदार
मानसिक अस्पताल की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी अनुराधा सिंह का कहना है कि बच्चों को कम उम्र पर मोबाइल और इंटरनेट देना बिल्कुल गलत है। यू ट्यूब और गूगल पर हर जानकारी आसानी से उपलब्ध है। आप बम बनाना भी सीख सकते हैं। यहीं वजह है कि बच्चे समय से पहले बड़ों की तरह व्यवहार करने लगे हैं। इससे बचने का एक ही तरीका है कि एडिक्शन होने से पहले बच्चों से मोबाइल दूर रखे। उनकी मॉनीटरिंग करें। वह बताती हैं कि इन्हीं खामियों के चलते उन्होंने खुद अपना फेसबुक और व्हाट्सएप अकाउंट नहीं बनाया है।