बरेली/। सीबीगंज। थाना किला के रौठा गांव में कई गोवंशीय पशुओं के सिर कटे शव बरामद हुए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई और अवशेष अपने कब्जे में ले लिए। अन्य बचे शरीर के अंगों को गांव वालों ने गड्ढा खोदकर दबा दिया। घटना के बाद गांव में रोष है। दो लोगों के नाम शक के आधार पर रिपोर्ट लिख ली गई है।
सीबीगंज और किला थाने के बॉर्डर पर पड़ने वाले गांव रौठा में गुरुवार सुबह गंदे नाले में गांव निवासी अरुण ने चार गोवंशीय पशुओं के सिर कटे अवशेष दिखे। इससे गांव में तनाव फैल गया। ग्रामीणों के साथ ही यहां मंदिर बनाकर पूजा करने वाले विनोद उर्फ मोनी बाबा को सूचना दी गई। इसके बाद गांव वालों की भीड़ नाले के पास जमा हो गई। सूचना पर किला थाने की फोर्स भी मौके पर पहुंच गई। अवशेषों को ग्रामीणों की मदद से नाले से बाहर निकला गया। चार बोरों में अलग अलग तरह के अवशेष थे। किसी में सिर के ऊपर का हिस्सा, किसी में खाल तो किसी में मांस था। पुलिस ने इन्हें दफना दिया। ग्रामीणों ने हंगामा कर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। तब पुलिस ने तहरीर मांगी। मोनी बाबा की ओर से गांव निवासी महिपाल और उसके दोस्त सीबीगंज के पशु तस्कर नवीशेर के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई। बाबा का कहना था कि ये घुमंतू पशु मढ़ी के पास घूमते रहते थे। तब महिपाल यादव कहता था कि इन्हें कटवाकर मांस बिकवा देगा। इंस्पेक्टर डीसी शर्मा ने बताया कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
पशु अवशेष मिलने के बाद शहर में दबोचे पशु तस्कर
बरेली। किला क्षेत्र में पशु अवशेष मिलने के बाद कई थानों की पुलिस ने मांस तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया। किला पुलिस ने जखीरा में मांस की एक दुकान पर छापा मारकर चालीस किलो गोवंशीय पशु के मांस की बरामदगी का दावा किया। उन्होंने दुकान मालिक जखीरा मोहल्ले का जुबैर, उसके कर्मचारी कटघर का फरीद, बांसमंडी का सुहेल, मलूकपुर के हनीफ को गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही बारादरी थाना पुलिस ने हजियापुर से सेंमखेड़ा निवासी रिजवान खान को स्कूटी से दो बोरों में 90 किलो गोवंशीय पशु का मांस ले जाते पकड़ा। मांस की प्रारंभिक जांच कराई गई। रिजवान ने बताया कि रोज शाहजहांपुर से एक इनोवा कार शहर आती है। वो शाहमतगंज के पास ये बोरे फेंक जाती है। उसी की वो शहर में बिक्री करते हैं। सप्ताह या महीने पर मांस का पेमेंट कर देते हैं।