इज्जतनगर से अपहृत जनसेवा केंद्र संचालक आदर्श पाल की लाश 24 घंटे बाद ही रेलवे क्रॉसिंग पर मिल गई, लेकिन पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव को लावारिस बताकर फूंक दिया। उधर, आदर्श के परिवार को पुलिस पांच महीने तक उसे ढूंढने का झांसा देकर गुमराह करती रही। इस मामले में अब आदर्श के पिता ने एसएसपी को सीओ तृतीय नीति द्विवेदी, तत्कालीन इंस्पेक्टर कमरुल हसन, दरोगा रवींद्र सक्सेना और उपेंद्र सिंह पर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी है।
फतेहगंज पश्चिमी के उनासी गांव के आदर्श इज्जतनगर में जनसेवा केंद्र चलाते थे। पिता सेवाराम ने 27 नवंबर, 2017 को आदर्श के लापता होने के बाद तीन दिसंबर को थाना इज्जतनगर में उनके अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को फतेहगंज पश्चिमी में रहने वाले एक फौजी की बेटी से आदर्श के प्रेम संबंधों की बात बताई थी। पुलिस ने आदर्श को तलाशने में दिलचस्पी नहीं ली तो सेवाराम ने हाईकोर्ट में अर्जी दी। इस पर हाईकोर्ट ने पुलिस को 30 दिनों में आदर्श को ढूंढने का आदेश दिया। इसके बाद विवेचना इज्जतनगर थाने से क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर हो गई।
क्राइम ब्रांच ने खुलासा किया कि इज्जतनगर पुलिस जिस आदर्श को पांच महीने से ढूंढने का ड्रामा कर रही है, उसकी लाश तो 27 नवंबर की रात को ही भोजीपुरा में मिल गई थी जिसे पुलिस पोस्टमार्टम कराने के बाद लावारिस बताकर फूंक चुकी है। बृहस्पतिवार को सेवाराम ने एसएसपी कलानिधि नैथानी से मिलकर उन्हें सीओ तृतीय नीति द्विवेदी, तत्कालीन इंस्पेक्टर कमरुल हसन, एसएसआई रवींद्र सक्सेना और दरोगा उपेंद्र सिंह पर साक्ष्य मिटाने का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दी। इस प्रकरण में आईजी ध्रुवकांत ठाकुर पहले ही जांच के निर्देश दे चुके हैं।
ट्रेन से गर्दन कटने से हुई थी मौत
क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि आदर्श पाल की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उसकी मौत की वजह गर्दन कटने से बताई गई थी। एंटी मार्टम चोट से मौत होने की डॉक्टरों ने पुष्टि की थी। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आदर्श के पिता को सौंप दी गई है।
आदर्श के पिता ने मुझसे मुलाकात की थी। उनकी तहरीर लेकर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। मैं पूरे प्रकरण की जांच करा रहा हूं। - कलानिधि नैथानी, एसएसपी