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पिस्टल....

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दहशत फैलाने को मंगवाई जा रहीं थीं मुंगेर की पिस्टल
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- आठ पिस्टल बरामद करके पुलिस ने थपथपा ली पीठ
- पिस्टल बेचने वाले छोड़े, पकड़े गए अधिकतर खरीदने वाले
- अब जांच शुरू होने की बात पर अधिकारियों में मची खलबली
सौरभ सक्सेना
बदायूं। अवैध असलहे पकड़े जाने के मामले में एडीजी के आदेश के बाद तथ्य इकट्ठे किए जाने लगे हैं। जांच के बाद उन पुलिस वालों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है, जिन्होंने बड़ी ‘डील’ करके असल आरोपियों को छोड़ दिया और ऐसे लोगों को फंसा दिया जो इस खेल के मोहरे मात्र थे। ये भी पता चला है कि असलहे दहशत फैलाने के लिए मंगाए जा रहे थे। मामला खुलने के बाद ऐसे लोग फरार हो गए। जिन लोगों ने शौकिया ये पिस्टल खरीदी थीं, उन्होंने आनन-फानन में उन्हें ठिकाने लगा दिया। शहर के कई व्यापारी, डॉक्टर ऐसे थे, जिन्होंने ऊंचे दाम देकर ये पिस्टल खरीदी थीं।
विगत दो नवंबर को पुलिस ने सैदपुर के पूर्व चेयरमैन इशरत अली के नौकर भूरा समेत ककराला के सलीम, मोहल्ला नागरान के अमित, अल्फाखां सराय के रिंकू, चौधरी सराय के गौर मोहम्मद, हुसैनी गली के पंकज, शिवपुरम के विनोद, सैदपुर के इरफान तथा चंदौसी के मई गांव निवासी मसरूर को दबोचा था, जबकि शिवम गुप्ता फरार दिखाया गया था। उनके पास बिहार के मुंगेर में बनी आठ पिस्टल और 38 कारतूस बरामद मिले थे। देखने में ये पिस्टल बिल्कुल लाइसेंसी लगती थीं। बताते हैं कि इस मामले में बड़ी सौदेबाजी की गई। मामले की परतें खुली तो यह भी पता चला कि पुलिस ने केवल आठ पिस्टल बरामद करके अपनी पीठ थपथपा ली, जबकि वास्तविकता ये थी कि न जाने कब से चल रहे इस धंधे में सैकड़ों पिस्टल जिले भर में खपा दी गईं। कुछ लोग दहशत फैलाने के लिए भी इन पिस्टलों का प्रयोग करने की मंशा रखते थे। दरअसल, लाइसेंसी पिस्टल चुनाव में जमा करनी पड़ती, लेकिन इन अवैध असलहों को जमा करने का झंझट नहीं था। अब एडीजी के आदेश पर इस मामले से जुड़े तथ्य फिर इकट्ठे किए जाने लगे हैं। इससे उन पुलिस अधिकारियों में खलबली मच गई है, जिनके इशारे पर असर आरोपियों को मोटा सौदा करके छोड़ दिया गया था। ----------------------
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कहीं और से पकड़ा, कहीं और दिखाया
अवैध असलहों का खपाने की भनक पुलिस को पहले से थी। मुखबिरी के बाद पुलिस ने सबसे पहले भूरा को दबोचा। उसके बाद भूरा से पूर्व चेयरमैन इशरत के नौकर अमित को फोन कराया गया, जिसमें और पिस्टलों की बिक्री की बात कही गई। सौदा तय होने के बाद अमित दो पिस्टल लेकर जा रहा था तभी पुलिस ने उसे बाबूूराम मार्केट चौराहे से गद्दी चौक जाने वाले रास्ते पर दबोच लिया, लेकिन पुलिस ने जवाहरपुरी से नौ लोगों की गिरफ्तारी दिखाई।
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सत्ता पक्ष के एक नेता के बेटे के पास भी थी दो पिस्टल
पुलिस ने इस मामले मे जिन नौ लोगों को गिरफ्तार किया था, उनके अलावा भी कई लोग रात में पकड़े गए थे। इनमें एक पूर्व चेयरमैन और उनके बेटे के अलावा लालपुल निवासी एक युवक, चिकित्सक, फर्नीचर का शोरूम चलाने वाले व्यक्ति को भी पकड़ा गया था, लेकिन सभी को सौदेबाजी करके छोड़ दिया गया। इतना ही नहीं, सत्ता पक्ष के एक बड़े नेता के बेटे के पास से भी दो पिस्टल मिलीं थी, जिन्हें पुलिस वालों ने बड़े ‘अदब’ से उनके घर जाकर ही मांगा था।
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फिलहाल घटना के संबंध में जो भी जानकारी है उसे लिया जा रहा है। एफआईआर, बयान, केस डायरी आदि के माध्यम से तथ्य इकट्ठे किए जा रहे हैं। इसके बाद जांच होगी और उसके आधार पर कार्रवाई भी की जाएगी।
-राजेश कुमार पांडेय, डीआईजी, बरेली
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