बरेली। अशोक और कपिल को गांव से गाड़ी में ले जाने वाले लोगों की परिवार तलाश करेगा। इनमें से दो के चेहरे कपिल के चौदह साल के बेटे अभिषेक ने अच्छी तरह से पहचान लिए हैं। वीडियो कॉल में कपिल से बातचीत के दौरान ये दोनों गाड़ी में उसके साथ बैठे थे।
कपिल के साले कुलदीप ने बताया कि कपिल को कई दिन से कॉल कर कोई सिपाही बुला रहा था, पर वह टाल रहा था। फिर अशोक ने कॉल करसाथ चलने की जिद की तो भी तैयार नहीं हुआ। कपिल ने गुस्से में मोबाइल भी ऑफ कर दिया। बाद में अशोक ने कपिल के बेटे अभिषेक के नंबर पर कॉल करके पिता से बात कराने को कहा। तब मजबूरी में कपिल ने बात की और गांव के बाहरी हिस्से में चला गया। यहां से गाड़ी में बैठकर निकल गया। चूंकि कपिल ने गांव से बाहर जाने की सूचना पत्नी को नहीं दी थी, इसलिए अशोक के एंड्रायड मोबाइल से अभिषेक को वीडियोकॉल की। बेटे से कहा कि काम से जा रहा है, शाम तक लौट आएगा। अब अभिषेक बता रहा है कि पिता के साथ गाड़ी में बैठे दो अंजान लोगों को उसने देखा था। इनके बारे में भी पूछा पर पिता ने बात टाल दी। अभिषेक कह रहा है कि वह उन लोगों को देखते ही पहचान लेगा।
नंबर ट्रेस क्यों नहीं करा रही पुलिस
कपिल के भाई सुरेंद्र का कहना है कि कपिल और अशोक दोनों के मोबाइल पुलिस पर हैं। पुलिस कॉल डिटेल निकालकर उन लोगों को पकड़े, जो फरार हैं। पुलिस को तो अब तक उनके नाम खोल देने चाहिए थे। कहा, हम सच्चाई सामने लाए बिना चुप नहीं बैठेंगे। बताया कि भाजपा से जुड़े अमरोहा के जिपं अध्यक्ष पति भूपेंद्र सिंह को उन्होंने अन्याय की जानकारी दी है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि सीएम योगी से मिलकर सच बताएंगे।
बेगुनाह को मारा, कोई नेता-अफसर नहीं आया : विनोद
अशोक के भाई विनोद वाल्मीकि ने बताया कि उनके भाई पर एक भी केस नहीं था, बावजूद उसे बदमाश दिखाकर मारा गया। दुख इस बात का भी है कि कोई नेता-अफसर अफसोस जताने नहीं आया, बस निगरानी को पुलिस छोड़ दी। वे लोग कानूनी सलाह ले रहे हैं। मानवाधिकार व एससीएसटी आयोग में भी शिकायत करेंगे।