पूरनपुर। एसडीओ कार्यालय परिसर में चल रहे ग्राहक सहायता केंद्र (सीएचसी) को सौ मीटर दूरी पर संचालित होने का हवाला देकर जुलाई महीने में हटवा दिया गया था। अब संचालक ने एसडीओ कार्यालय के एक कक्ष पर कब्जा कर सीएचसी का संचालन शुरू कर दिया। इस मामले में एसडीओ, अधिशासी अभियंता एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं।
उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा करने के लिए तीन सीएचसी स्वीकृत हैं। इसमें से एक सीएचसी संचालक एसडीओ कार्यालय परिसर में वैन खड़ी कर उपभोक्ताओं के बिजली बिल जमा करता था। पहले भी सालों तक एसडीओ कार्यालय का एक कक्ष इस सीएचसी संचालक के कब्जे में रहा था। उसे बमुश्किल कक्ष से बेदखल कराया था। जुलाई महीने में परिसर में खड़ी हो रही वैन को एसडीओ मोहित गुप्ता ने हटवाया था। साथ ही उसे नियमानुसार कार्यालय से सौ मीटर की दूरी पर ही सीएचसी संचालित होने की जानकारी देकर परिसर में वैन न खड़ी कराने की चेतावनी दी थी। इसके बाद भी सीएचसी संचालक अपने को सत्ता पक्ष के नेताओं का संरक्षण होने का हवाला देकर परिसर में ही वैन खड़ी कराता रहा। दो दिन पहले सीएचसी संचालक ने एसडीओ कार्यालय कक्ष पर फिर कब्जा कर वहां सीएचसी का संचालन शुरू कर दिया।
सीएचसी संचालित होने को लेकर अफसर भी एक दूसरे को जिम्मेदार बता रहे हैं। उप खंड अधिकारी मोहित गुप्ता ने बताया कि उन्होंने तो पहले भी सीएचसी संचालक की वैन को परिसर से हटवाया था। अधिशासी अभियंता के आदेश पर सीएचसी संचालक को एक कक्ष दिया है। अधिशासी अभियंता हरेंद्र सिंह ने बताया कि बिजली बिल राहत योजना को लेकर एसडीओ ने संस्तुति की। सीएचसी संचालक को एसडीओ ने कक्ष में बैठाया है। अपने कार्यालय पर गलत ढंग से कक्ष पर कब्जा होने के जिम्मेदार उपखंड अधिकारी हैं।