पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद
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अपहृत छात्रा के पिता का आरोप है कि बड़े अफसर चाह रहे थे कि तहरीर बदल दी जाए। गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज हो, लेकिन उसने तहरीर नहीं बदली। इसके लिए उसे यह कहकर धमकाया गया कि अपना अच्छा-बुरा समझ लो।
मीडिया और बड़े अफसरों के दबाव में आखिरकार पुलिस को स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करनी पड़ी। छात्रा के पिता के घर पुलिस सुरक्षा लगा दी गई है लेकिन घरवाले बेटी व खुद की सुरक्षा को लेकर डरे सहमे हैं।
छात्रा के पिता ने बताया कि उसे शाम मंगलवार को साढ़े छह बजे एक सरकारी कार्यालय में बुलाया गया था, जहां पुलिस और प्रशासन के बड़े ही जिम्मेदार अफसर बैठे थे। उन्होंने कहा कि तुम्हारी अभी इसी समय रिपोर्ट दर्ज होगी।
लेकिन वे लोग अपहरण की रिपोर्ट दर्ज करना चाहते थे। इस पर उसने अपने वकील से राय लेने के लिए कुछ समय मांगा, पर उसे समय नहीं दिया गया। क्योंकि वह वकील से पूछना चाहता था कि तहरीर बदली जाएगी या नहीं। अफसर समय देने को राजी नहीं हुए तो वह उठकर चल दिया।
इस पर अफसरों ने उसे रोक लिया और कहा- तुम ऐसे नहीं जा सकते। सुरक्षा गार्ड लेकर जाओ। साथ ही यह कहकर रिपोर्ट दर्ज करा दी कि तुम अपना अच्छा-बुरा खुद जानो।
छात्रा के पिता का आरोप है कि इन शब्दों के साथ उसे एक तरह से धमकाया गया। पीड़ित पिता ने बताया कि उसे डर लग रहा है। उसके साथ व बेटी के साथ कभी भी कुछ भी हो सकता है। हालांकि इन आरोपों को एसपी डॉ. एस चन्नप्पा ने खारिज किया है।