पीलीभीत। शासन से हाल ही में नोडल अफसर (पुलिस) बनाए गए एडीजी बरेली जोन अविनाश चंद्र ने कहा कि गोहत्या में मदद कर रहेे पुलिस कर्मी हरकत से बाज आएं। नहीं सुधरे तो ऐसे पुलिस कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। एडीजी ने कहा कि नकबजनी और बाइक चोरी के उन मामलों की दोबारा जांच कराई जाएगी, जिसमें पुलिस के स्तर पर फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई है। एसपी समेत अन्य अधिकारियों को इसकी मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं।
दो दिवसीय दौरे पर आए एडीजी अविनाश चंद्र ने बुधवार पूर्वान्ह 11 बजे एसपी कार्यालय में हुई प्रेसवार्ता में सख्त लहजे में पुलिस कर्मियों को चेतावनी दी। उन्होंने बताया कि निरीक्षण, भ्रमण और बैठकों में जो रिपोर्ट तैयार की गई है, उसे शासन को भेजा जाएगा। वन विभाग के साथ जंगल की जमीन पर हुए अतिक्रमणों को लेकर चर्चा हुई है। इसमें वन विभाग और पुलिस टीम से मिलकर कार्रवाई कराई जाएगी। मानव वन्यजीव संघर्ष के दौरान लॉ एंड ऑर्डर में दिक्कत आती है। इस पर भी मंथन किया गया है। नेपाल बार्डर पर तस्करी न हो, इसके लिए एसएसबी, प्रशासन, पुलिस, कस्टम समेत कई विभागों की संयुक्त टीम काम करेगी। आबकारी विभाग के अधिकारियों संग बैठक में कहा है कि अवैध और जहरीली शराब को लेकर सतर्कता बरती जाए। कहीं पर दुकान और होटलों से शराब न बेची जाए। ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर सुधार की जरूरत है। कहाकि इसके लिए व्यापारियों से भी सुझाव लिए गए हैं, उन पर काम कराया जाएगा। उन्होंने एसपी अभिषेक दीक्षित को थाना स्तर पर फरियादियों की सुनवाई न करने वाले पुलिस कर्मियों पर सख्त एक्शन लेने के निर्देश दिए। लंबे समय से रह रहे बांग्लादेशी नागरिकों पर उठने वाले सवालों पर उन्होंने कहा कि इसका सत्यापन कराया जाए।
इससे पूर्व एडीजी ने पुलिस लाइन परिसर और कार्यालयों का निरीक्षण किया। इसमें अभिलेख दुरुस्त और साफ-सफाई बेहतर रखने के निर्देश दिए। इस दौरान एएसपी रोहित मिश्र, सीओ सिटी धर्म सिंह मार्छाल, सीओ सदर योगेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।