बीसलपुर (पीलीभीत)। एक साल पहले दफ्तर बंद कर निवेशकों के लाखों रुपये हड़पकर भागने वाली चिटफंड कंपनी के संचालकों पर आखिरकार रिपोर्ट दर्ज करा दी गई। सीओ के निर्देश पर पुलिस ने एक निवेशक से मिली तहरीर पर छह के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
कोतवाली क्षेत्र के उगनपुर गांव निवासी रामनिवास ने बताया कि छह साल पहले बारह पत्थर चौराहे के पास नोएडा के श्रीराम एस्टेट ग्रुप नाम की कंपनी का कार्यालय खोला गया था। कंपनी ने निवेशकों के खाते खुलवाए। हर माह इसमें किस्तें जमा कराई जाती थीं। कंपनी संचालकों ने झांसा दिया था कि पांच साल तक किस्त जमा करने के बाद उनकी जमा की गई रकम दोगुनी करके लौटाई जाएगी। कई लोग उनके झांसे में आ गए और लाखों रुपये कंपनी में जमा कराए। पांच साल तक कंपनी रुपये जमा कराती रही।
एक साल पहले कंपनी के कर्मचारी दफ्तर बंद कर चले गए। कुछ दिन तक तो कोई कुछ समझ नहीं पाया, लेकिन बाद में सब समझ आ गया। इसके बाद रुपये वापस मांगने के लिए कंपनी के कर्मचारियों से संपर्क किया गया। शुरुआत में वे जल्द रुपये लौटाने का आश्वासन देते रहे। समय मांगकर मामले को टरकाया जाता रहा, लेकिन बाद में रुपये लौटाने से साफ इनकार कर दिया। जालसाजों से दोबारा संपर्क करने के काफी प्रयास किए गए, लेकिन सफलता नहीं मिली। निवेशक अपने रुपये पाने के लिए चक्कर लगाते रहे। हालांकि उनके हाथ कुछ नहीं लग सका। तीन दिन पहले 10 से अधिक निवेशक एकत्र हुए और सीओ को पूरे मामले की जानकारी दी। सीओ ने मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद सोमवार को मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल मनीराम सिंह ने बताया कि रामनिवास की तहरीर पर कंपनी मालिक भोपाल निवासी संजय मेवाड़ा, डायरेक्टर छत्तीसगढ़ निवासी दिलीप भगल, धामपुर बिजनौर निवासी विनय सक्सेना, संभल निवासी तरुण त्यागी, जोनल मैनेजर छत्तीसगढ़ निवासी अजय गहरवाल, ब्रांच मैनेजर लखनऊ निवासी अंकित श्रीवास्तव के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की है।
निवेशकों के रुपये हड़पकर कंपनी के भागने की शिकायत मिली थी। इस पर कोतवाली में एफआईआर दर्ज करा दी गई है। कोतवाल को गहनता से विवेचना कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। - प्रवीण मलिक, सीओ