दुल्हन के पड़ोसी से झगड़ा होने के बाद लड़के वाले बारात ही वापस ले कर चले गए। गरीब विधवा महिला ने जैसे तैसे करके बेटी के हाथ पीले करने का इंतजाम किया था। बारात चढ़त के दौरान पड़ोसी से बारातियों की कहासुनी के बाद बवाल बढ़ता गया। तमाम मिन्नतों के बाद भी बारात वापस लौट गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दूल्हा और उसके परिवार वालों की तलाश शुरू कर दी है।
शेरगढ़ कस्बे के अफसर की बारात शहर के लीची बाग आई थी। विधवा महिला ने जैसे तैसे करके बेटी के हाथ पीले करने के लिए इंतजाम किया था। सवा सौ बारातियों की बजाए दूल्हा ढाई सौ बाराती लेकर आया। फिर भी महिला ने सभी को नाश्ता कराने के साथ खाना भी खिलाया। इसी दौरान बारात में आए शेरगढ़ मकबूल को युवती के पड़ोस का रहने वाला साला रईस अपने घर ले जाने लगा। तभी दूल्हा के मौसे भाई टिल्ला ने रईस का विरोध किया। यही नहीं टिल्ला ने रईस के थप्पड़ भी मार दिया। जिससे बात बढ़ गई और मारपीट होने लगी। काफी देर तक बवाल हुआ। इसी दौरान टिल्ला मय दूल्हा के बारात वापस ले गया। बारात लौटने से दुल्हन मायूस रह गई और उसकी मां बहने फफक कर रोने लगीं। चूंकि लड़की की मां विधवा और बेहद कमजोर है, इसलिए उसकी तरफ से झगड़ने वालों का कोई विरोध तक नहीं कर सका। देर रात किला चौकी इंचार्ज बिरजा राम मय पुलिस फोर्स के मौके पर पहुंच गए। पूरी तहकीकात करने के बाद उन्होंने बताया कि लड़की पक्ष से दूल्हा और किसी बाराती की कोई बात नहीं हुआ। लड़की पक्ष को तो कुछ पता ही नहीं चला। सिर्फ रईस और टिल्ला में छिड़ी अहम की लड़ाई में गरीब बेटी की शादी लौट गई। चौकी इंचार्ज ने बताया कि दूल्हा और उसके घरवालों की तलाश की जा रही है। दोनों में अगर बात बनती है, तो लड़की का निकाह करा दिया जाएगा। वहीं महिला ने बताया कि उसके पति की मौत हो चुकी है। उसकी पांच बेटियां हैं, तीन की तो वह पहले शादी कर चुकी है और अब चौथी की कर्ज आदि लेकर शादी की व्यवस्था की थी। बारात लौटने से उस पर दु:ख का पहाड़ टूट पड़ा है।