मंगलवार को शाम चार बजे ईसाईयों की पुलिया की तरफ से आई तेज रफ्तार बियावानी कोठी के चौराहे पर स्कूटी में टक्कर मार दी थी। स्कूटी पर बड़ा बाजार की रहने वाली शोभना अग्रवाल और उनकी बेटी मानसी सवार थीं। इसके बाद बेकाबू कार लाल कार ने सामने से आ रही कार में टक्कर मार दी थी। उस कार में सवार तीन लोगों को भी चोटें आई थीं। रईसजादों की यह कार इतनी तेजी में थी कि सड़क पर गुजरने वाले भी जान बचाकर इधर-उधर भाग गए थे। तेज रफ्तार कार ने एक ऑटो रिक्शा को टक्कर मारकर पलट दिया था। ऑटो में बैठी चार सवारी भी हादसे में चोटिल हो गईं। घटना की सूचना पर पहुंची पुलिस ने कार को कब्जे में ले लिया, लेकिन रईसजादा कोई भी हाथ नहीं लगा। देर शाम को पुलिस ने दोनों पक्षों में समझौता कराकर कार को छोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक कार कर्मचारी नगर के रहने वाले एफसीआई कर्मचारी के बेटे रचित की थी। कार में उसके दोस्त भी बैठे थे। समझौता करने के लिए थाने में एफसीआई कर्मी ही आया थे। प्रभारी निरीक्षक मोहम्मद कासिम ने बताया कि किसी ने मुकदमा लिखाने को तहरीर नहीं दी। समझौता होने के बाद कार को छोड़ गया है।