पुलिस ने युवक की मौत ट्रेन से कटकर होना बताया है, जबकि घरवालों ने पड़ोसियों पर अपहरण कर युवक की हत्या करने के बाद आत्महत्या का रूप देने को शव रेलवे ट्रैक पर डालने का आरोप लगाया है। इसके आधार पर पुलिस ने तीन सगे भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
इलाके के गांव मानपुर भूड़ निवासी 22 वर्षीय रवींद्र पाल का बुधवार शाम साढ़े छह बजे टेंपो मोड़ने को लेकर पड़ोस के ही एक व्यक्ति से विवाद हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने मामला रफा दफा कर दिया। रवींद्र पाल घर आने के कुछ देर बाद ही गांव में स्थित देव स्थान पर चल रहे भंडारे में जाने की बात कहर घर से निकल गया और फिर रात घर नहीं आया। परिवार वालों ने उसको तलाश किया तो गांव से कुछ दूर अपलाइन पर रवींद्र का शव पड़ा पाया गया। बहन मिथलेश और भाई राजेश ने शव की शिनाख्त की। उनका आरोप है कि पड़ोस के ही तीन सगे भाईयों ने रवींद्र की बेरहमी से पीटकर कर हत्या कर दी और आत्महत्या का रूप देने को शव रेलवे ट्रैक पर डाल दिया।
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टेंपो मोड़ने को लेकर पड़ोेसी से युवक का विवाद हो गया था जिसके बाद उसने रात एक बजे ट्रेन से कटकर जान दे दी। रसुइया रेलवे स्टेशन मास्टर नन्हे लाल ने अपलाइन पर शव पड़ा होने का बुधवार सुबह 7:15 पर मेमो भेजा। जिस पर शव बरामद कर पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में चोटें ट्रेन से एक्सीडेंट की पाई गईं। इस बारे में कोई तहरीर नहीं दी गई।
- गजेंद्र सिंह, एसओ बिथरीचैनपुर
शव हटने के इंतजार में खड़ी रही दून एक्सप्रेस
बरेली। मंगलवार की रात 12.45 बजे लोहित एक्सप्रेस के ड्राइवर ने गेट नंबर 356 सी के पास रेलवे लाइन पर लाश पड़ी होने की सूचना चनेहटी स्टेशन मास्टर को दी। इसके बाद ट्रेन नंबर 13009 हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस उधर से गुजरी। रेल सूत्रों के अनुसार लाइन पर पड़ी लाश ड्राइवर को सहायक ड्राइवर से हटवाने के बाद ले जाना चाहिए। मगर दून के ड्राइवर ने शव हटवाने के बजाय ट्रेन करीब 40 मिनट तक खड़ी रखी। इस बीच स्टेशन मास्टर की सूचना पर पहुंची बिथरी चैनपुर थाना पुलिस ने रेलवे लाइन से लाश को हटाया।