बरेली। चिकित्सा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर निदेशक दफ्तर को स्टाफ ने ही जुए का अड्डा बना लिया। बृहस्पतिवार को बारादरी पुलिस ने छापा मारकर यहां जुआ खेल रहे दस लोगों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें स्टाफ के लोगों के साथ दवाओं के काले कारोबार से जुड़े लोग भी शामिल थे। मौके से चार लाख से ज्यादा की रकम भी बरामद हुई। कई जुआरी पुलिस छापे के दौरान फरार हो गए। देर रात सीओ थर्ड ने आरोपियों से जुआरियों से पूछताछ कर इनकी सूची बनाई। इनमें कई सरकारी और संविदा कर्मचारियों के साथ मेडिकल स्टोर का स्टाफ भी शामिल निकला।
एडी दफ्तर से सटे वैक्सीनेशन विभाग के रेस्ट रूम में रात करीब नौ बजे बारादरी पुलिस ने छापा मारा। पुलिस को देखकर जुआ खेल रहे लोगों में भगदड़ मच गई। कुछ लोग भाग गए पर इनमें से दस को पकड़ लिया गया। पुलिस टीमे इन्हें थाने ले आई। यहां सीओ थर्ड पीपी सिंह ने इनसे पूछताछ कर आरोपियों और माल की सूची बनाई। इनमें एडी हेल्थ राकेश दुबे का सरकारी ड्राइवर जगतपुर निवासी संजय शर्मा, दूसरा ड्राइवर गणेशपुरम निवासी अशोक कुमार, एडी का चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी दीनदयाल, संविदा गार्ड सुनील और दीपक. पड़ोस के मानसिक अस्पताल के डायरेक्टर का ड्राइवर सुरेश कुमार, दफ्तर के पास ही एक मेडिकल स्टोर का संचालक मीरा की पैठ निवासी कमल, उसके कर्मचारी निर्देश कुमार और दिलीप कुमार, बुखारपुरा का कमल और कुमार और विभाग का संविदाकर्मी व एक्स सर्विसमैन संजीव कुमार शामिल थे।
मचा शोर, बरामद तो आठ लाख हुए थे
थैलों में भरकर नोटों की गड्डियां थाने लाई गईं तो गहमागहमी हो गई। शुरू में चर्चा थी कि आठ लाख रुपये बरामद किए गए हैं। सीओ के सामने काफी देर में नोटों की गिनती हो सकी। उनके मुताबिक मौके से 4 लाख 42 हजार 240 रुपये, 11 मोबाइल, लैपटॉप, एक तमंचा बरामद किया गया है। हालांकि आरोपी कह रहे थे कि तमंचा और लैपटॉप से उनका मतलब नहीं है।
..तो क्या मेडिकल पर सप्लाई होती है वैक्सीन
वैक्सीनेशन विभाग के रेस्ट रूम को स्टाफ ने गेस्ट रूम बना रखा था। बताते हैं कि यहां रोज लाखों का जुआ होता है जिसकी जानकारी अफसरों को भी थी लेकिन कभी कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह भी चर्चा है कि बड़ा दांव हारने के बाद किसी जुआरी ने ही सूचना लीक कर दी। सरकारी कर्मचारियों के साथ पड़ोस के मेडिकल स्टोर मालिक और उसके दो कर्मचारियों का पकड़ा जाना स्थिति को संदेहजनक बना रहा है। बता दें कि मंडल भर को वैक्सीन और दवाएं यहीं से सप्लाई होती हैं। मेडिकल वालों से नजदीकी की वजह पर कायदे से जांच की जाए तो बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। एक मेडिकल कर्मी निर्देश बेहोश होने लगा। उसके मालिक ने बताया कि यह हार्ट पेशेंट है और दो दिन पहले ही आईसीयू से लाया गया है।
चार्ज संभालते ही गुडवर्क
गुरुवार को ही नवाबगंज से सीओ पीतमपाल सिंह को सीओ थर्ड के रूप में तैनाती दी गई। उनकी जगह दूसरे जिले से ट्रांसफर होकर आए सीओ योगेंद्र सिंह को नवाबगंज की जिम्मेदारी दी गई। पीपी सिंह के चार्ज संभालते ही यह गुडवर्क हो गया।
- बारादरी पुलिस ने अच्छी कार्रवाई की है। सरकारी कार्यालय में सरकारी लोगों को जुआ खेलते पकड़ा गया है, संबंधित विभाग के अधिकारियों को भी सूचना दी जा रही है। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी