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फैक्टरी मालिक से वसूली के बाद गोवा में नए साल का जश्न

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एक सिपाही के गोवा जाने की खबर, बाकी पुलिस वालों का भी कोई पता नहीं
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फैक्टरी मालिक बोला- आते ही करने लगे टॉर्चर, मजदूरों को केमिकल खिलाने की कोशिश की
फरीदपुर। बूरा फैक्टरी के मालिक को धमकाकर उससे दो लाख रुपये की वसूली करने वाले दरोगा और तीन सिपाहियों को एसएसपी ने निलंबित तो कर दिया लेकिन अब चारों ड्यूटी से गायब हैं। दरोगा उसी दिन से छुट्टी पर है तो एक सिपाही के नए साल का जश्न मनाने को गोवा जाने की खबर है।
हाईवे पर बूरा बनाने वाली एमएम फैक्ट्री से वसूली के मामले में एसएसपी शैलेश पांडेय ने गुरुवार को कस्बा प्रभारी दरोगा संजीव शर्मा व तीन सिपाहियों को निलंबित कर दिया था। इनमें एक बहेड़ी थाने का दीवान भी था जिसने पूरी प्लानिंग की थी। फैक्टरी मालिक अंकित ने शुक्रवार को बताया कि पुलिस वालों ने आते ही टॉर्चर करना शुरू कर दिया था। उनके दो मोबाइल छीनकर कहा कि कोई अपनी जगह से नहीं हिलेगा। मजदूरों ने कुछ हरकत की तो पुलिस ने मारपीट कर दहशत फैला दी। वहां रखा केमिकल तक मजदूरों को जबरन खिलाने का प्रयास किया।
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इसके बाद पुलिस ने 20 लाख मांगे। यह डिमांड पूरी करने को बरेली जाने को कहा तो पुलिस वालों ने फैक्टरी मालिक को रोक लिया। इसके बाद उन्होंने ड्राइवर को बरेली भेजा। जब अंकित के परिवार को इसकी जानकारी हुई तो उनमें हड़कंप मच गया। ड्राइवर को वापस भेजकर परिवारवाले भी फैक्टरी पहुंच गए। इस बीच पुलिसवाले अंकित को धमकाते रहे और वीडियो भी बनाई। अंकित के अनुसार उनके परिवार वालों के पहुंचने के बाद पुलिस वालों के पैर उखड़ गए और वे यह कहते हुए खिसक लिए कि उनकी डिमांड जल्दी पूरी कर देना। व्यापारी का पूरा परिवार दहशत में आ गया था। अन्य व्यापारियों के पहुंचने के बाद उन्होंने बरेली में उच्चाधिकारियों को घटना की जानकारी दी। एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक से पूछताछ की तो उन्होंने इस तरह छापे की कोई जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। जो माल फैक्टरी से पुलिस लेकर आई वह थाने लेकर गई नहीं।
छापा मारने के बाद पुलिस टीम मजे में थी। सूत्र बताते हैं कि कस्बा प्रभारी तत्काल बाद छुट्टी लेकर चले गए। एक सिपाही ने गोवा की फ्लाइट से टिकट भी बुक करा दी थीं और उसे इस वक्त गोवा में भी बताया जा रहा है। एसएसपी का चाबुक चलने के बाद सभी के होश उड़ गए हैं।
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व्यापारी को हिदायत दे गए थे
व्यापारी अंकित का कहना है कि उनका परिवार बूरे का व्यापार करीब 1962 से कर रहा है। फरीदपुर में बुरे की फैक्टरी फरवरी 2019 में लगाई थी। उनका कहना था कि 58 वर्षों में उनके साथ पहली ऐसी घटना थी जिससे वह सकते में आ गए। पुलिस टीम उन्हें चेतावनी दी गई थी कि कहीं शिकायत की तो अंजाम भुगतोगे।
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