एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर दिल्ली के ठगों ने फरीदपुर के व्यापारी से 40 लाख रुपये ठग लिए। एसएसपी के आदेश पर फरीदपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है।
मोहल्ला बक्सरिया निवासी सतीश चंद्र वर्मा अपने पुत्र दीपक का दाखिला एमबीबीएस में कराने का प्रयास कर रहे थे। इसी बीच वह नई दिल्ली में हरीनगर जेल रोड स्थित दक्ष एकेडमी के संपर्क में आए। वहां एलपी शर्मा से मुलाकात हुई।
उसने अपने को दक्ष एकेडमी का प्रधानाचार्य बताया। कहा, वह पुणे के एमबीबीएस कॉलेज में एडमिशन करा देगा, लेकिन इसके एवज में 40 लाख रुपये खर्च करने पड़ेंगे। एडमिशन में कोई दिक्कत आती है तो वह एक लाख काटकर 39 लाख रुपये वापस कर देगा।
इस पर सतीश ने तीन बार में उसे 40 लाख रुपये दे दिए। इसके बाद एलपी शर्मा ने सतीश को उनके बेटे का फोटो लगा भारतीय विद्यापीठ पुणे का एडमिट कार्ड दे दिया। कहा, नौ अक्तूबर 2018 को वह कॉलेज जाकर एडमिशन ले लें। जब सतीश बेटे दीपक के साथ भारतीय विद्यापीठ पुणे पहुंचे और एडमिशन के लिए कहा तो वहां मौजूद कर्मचारियों ने बताया कि यह आईकार्ड फर्जी है।
सतीश ने एलपी शर्मा से संपर्क किया तो उसने कहा कि वह एक लाख काटकर 39 लाख रुपये वापस कर देगा, लेकिन कई बार मांगने के बाद भी रुपये वापस नहीं किए और कुछ दिन बाद रुपये देने से साफ इंकार कर दिया। सतीश ने इस संबंध में एसएसपी को शिकायती पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की। एसपी के आदेश पर फरीदपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
ठगी करने वाला गैंग सक्रिय
एमबीबीएस में दाखिला कराने का झांसा देकर ठगने वाला गैंग सक्रिय है। सतीश फरीदपुर में दूसरे ऐसे व्यक्ति हैं जो इस गैंग का शिकार हुए हैं। इससे पहले एक सीआरपीएफ कमांडेंट से पुत्री का एमबीबीएस में दाखिला कराने के नाम पर ठगी की गई। इस मामले की रिपोर्ट भी फरीदपुर थाने में दर्ज है।