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सिद्धि पाने को बलि देना चाहता था तांत्रिक, पहले ही मर गया मासूम

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फरीदपुर (बरेली)। पिपरथरा गांव में चार साल के मासूम बच्चे की हत्या का खुलासा हो गया है। तंत्र शक्ति के जरिये सिद्धि और मनोकामना पूरी करने की अज्ञानता में तांत्रिक ने बच्चे को बहाने से लाकर बलि देने की कोशिश की। इससे पहले पिटाई के दौरान बच्चा मर गया तो वह शव छिपाकर भाग निकला। पुलिस ने तांत्रिक के घर से तंत्रमंत्र की काफी किताबें भी बरामद की हैं।
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पिपरथरा में 23 जून को कृपाल का चार साल का बेटा राजकुमार गांव के बाहर मंदिर में प्रसाद लेने गया था। राजकुमार गायब हो गया तो परिवार ने उसे तलाशना शुरू कर दिया। रात में कोई सुराग नहीं मिला तो सुबह गुमशुदगी दर्ज करा दी। अगले दिन मंदिर के पास झाड़ियों से बच्चे का शव बरामद हो गया। फरीदपुर कोतवाली में कांफ्रेंस में प्रभारी निरीक्षक अशोक पाल ने बताया कि एक दूसरे बच्चे ने घटना के दिन तांत्रिक गुड्डू को राजकुमार के साथ देखा था। गुड्डू राजकुमार को मोबाइल दिखा रहा था। पुलिस के अनुसार गुड्डू तांत्रिक काफी समय से तंत्र-मंत्र का कार्य कर रहा था। पुलिस ने उसी को टारगेट कर लिया। सीओ रामानंद राय की मौजूदगी में उसने पत्रकारों को बताया कि मोबाइल में पिक्चर दिखाने के बहाने उसने राजकुमार को अगवा कर लिया था। उसने किताबों में पढ़ा था कि बलि चढ़ाने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण हो जाएंगी। वह बच्चे को झाड़ियों में ले गया और बलि चढ़ाने के लिए जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद छाती पर बैठ गया जिससे उसकी पसली टूट गईं और वह मर गया। बच्चा चिल्लाए न इसलिए उसके मुंह में रूई भी ठूंस दी थी। बच्चे की मौत के कारण वह बलि नहीं चढ़ा सका। इसके बाद शव छिपाकर घर चला गया।

डॉग स्क्वॉड पहुंचा तो हो गया गायब
पुलिस ने हत्या के दो दिन बाद बरेली से डॉग स्क्वॉड बुलाया। गांव में एलान कराया कि कातिल को खोजेंगे तो करीब छह सौ ग्रामीण मंदिर के बाहर एकत्र हुए। पुलिस ने तांत्रिक गुड्डू को पहले ही चिह्नित कर रखा था। पकड़े जाने के डर से गुड्डू मंदिर पर नहीं पहुंचा। इससे पुलिस को पक्का यकीन हो गया कि बच्चे को गुड्डू ने ही मारा है। बच्चे का शव रात में ही मिल जाता पर भीड़ को भ्रमित कर गुड्डू उस वक्त दूसरी दिशा में ले गया।
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पहले भी कर चुका है एक बच्चे का अपहरण
करीब दस साल पहले गुड्डू तांत्रिक ने गांव के एक और बच्चे का अपहरण कर लिया था। उस समय तत्परता से ग्रामीणों ने घेराबंदी करके बच्चे को बरामद कर लिया। इससे बच्चे की बलि भी नहीं चढ़ सकी। गांव का मामला होने और बच्चा मिलने के कारण तांत्रिक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।
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