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क्राइम ब्रांच का दावा.. पर्याप्त सबूत हैं आरोपियों के खिलाफ

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आरोपी काजी अलीमुद्दीन। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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प्रबंध समिति उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन को जेल भेजा
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अब दूसरे आरोपी पदाधिकारियों पर भी शिकंजे की तैयारी

बरेली। क्राइम ब्रांच बरेली कॉलेज प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष काजी अजीमुद्दीन को जेल भेजने के बाद दूसरे पदाधिकारियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है। दावा किया जा रहा है कि करोड़ों के गबन के मामले में क्राइम ब्रांच के पास प्रबंध समिति पदाधिकारियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं। जिन चेकों के जरिए गोलमाल किया गया, उन पर इन्हीं पदाधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। इस बीच मंगलवार को प्रबंध समिति उपाध्यक्ष काजी अलीमुद्दीन को जेल भेज दिया गया।
मामले की विवेचना कर रही क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सुरेंद्र कटियार ने बताया कि परीक्षा भवन के एक टेंडर पर पौने छह करोड़ के छह काम कराए गए। निर्माण का एस्टीमेट भी पीडब्ल्यूडी की टेक्निकल टीम के बजाय अपने कारिंदों से बनवा लिया गया। प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने सारे बिल पास कर दिए। क्राइम ब्रांच का कहना है कि उपाध्यक्ष, सचिव और दो पूर्व प्राचार्य फिलहाल जांच के घेरे में हैं। विवेचक का कहना है कि विवेचना में यह भी पता चला कि तत्कालीन प्राचार्य को सबकुछ पता था, फिर भी नियमों ताक पर रखकर वर्क आर्डर जारी कर दिया गया।
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प्रबंध समिति के कई सदस्यों के घरों पर लटके ताले
उपाध्यक्ष की गिरफ्तारी से पूरी प्रबंध समिति में हड़कंप मचा हुआ है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर ने बताया कि पूर्व प्राचार्यों के साथ कुछ और लोगों से पूछताछ की जानी है लेकिन मंगलवार को उपाध्यक्ष को अदालत में पेश करने के साथ कुछ पर्चे भी काटने थे इसलिए वह उनके पास नहीं जा पाए। हालांकि अंदरखाने बताया जा रहा है कि क्राइम ब्रांच ने कई और लोगों के घर पर छापे मारे लेकिन वहां या तो ताले लटके मिले या फिर जिनकी तलाश थी वह नदारद मिले।

प्रबंध समिति के उपाध्यक्ष और सचिव समेत चार लोगों के नाम प्रकाश में आए हैं। उपाध्यक्ष को जेल भेज दिया गया है। शेष लोगों से पूछताछ कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।- सुशील कुमार, एसपी क्राइम

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