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जांच नाकाम-  गोदाम पर अब लिख दिया सरकारी गोदाम, मगर बिल्डिंग मैटेरियल का भी काम जारी

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एआर कोआपरेटिव ने जांच के लिए मांगी फाइल तो बना दिया बहाना
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प्रमुख सचिव ने दिए थे गोदाम में अवैध कारोबार की जांच के आदेश
बरेली। करोड़ों की सरकारी जमीन और गोदाम पर कब्जा कराने वाले उप्र उपभोक्ता सहकारी संघ प्रबंधक ने जांच के लिए अभी तक रिकॉर्ड तक एआर कोआपरेटिव कार्यालय के सुपुर्द नहीं किए हैं। पिछले दिनों प्रमुख सचिव नवनीत सहगल इसकी जांच करने के आदेश दिए थे। गोदाम किराए पर देने की फाइल न मिलने से यह जांच शुरू ही नहीं हो पा रही है। इस बीच एक बार और गोदाम का बोर्ड बदल गया है, अब इस पर सरकारी गोदाम लिख दिया गया है।
आदेश-निर्देश अपनी जगह हैं और सिस्टम की मनमानी अपनी जगह। करोड़ों की सरकारी संपत्ति पर कब्जा कराने वाले अधिकारी प्रमुख सचिव के आदेश का भी खौफ नहीं खा रहे हैं। पीलीभीत बाईपास पर उपभोक्ता सहकारी संघ अफसरों ने गोदाम किराए पर देने की आड़ में करोड़ों कीमत की परिसर जमीन पर शांति कंस्ट्रक्शन नाम की निजी फर्म को कब्जा करा दिया। अमर उजाला ने जब इसका खुलासा किया तो प्रमुख सचिव नवनीत सहगल ने सरकारी संपत्ति पर कब्जा कराने वाले अफसर के खिलाफ एआर कोआपरेटिव से जांच कराने के निर्देश दिए थे। प्रमुख सचिव के निर्देशों के बाद एआर कोआपरेटिव विकास सिंह ने उपभोक्ता सहकारी संघ से गोदाम को किराए पर देने वाली फाइल मांगी लेकिन जिला प्रबंधक ने सोमवार शाम तक फाइल उन्हें नहीं सौंपी।
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अब सरकारी गोदाम
जिला प्रबंधक उपभोक्ता सहकारी संघ ने नवनीत सहगल के आगमन को देखते हुए गोदाम दीवार पर लिखे शांति कंस्ट्रक्शन फर्म और उसके द्वारा किए जा रहे अवैध बिल्ंिडग मैटेरियल कारोबार का ब्योरा पुतवा दिया था। सहगल ने जब जांच शुरू कराई तो प्रबंधक ने अब दीवार पर सरकारी गोदाम लिखवा दिया है।
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हमने ने शनिवार को ही गोदाम किराएदारी संबंधी फाइल जांच के लिए मांगी थी। क्योंकि इसके बगैर इसकी जांच कराना मुश्किल है। उपभोक्ता संघ ने अभी तक संबंधित फाइल नहीं दी है, इससे जांच शुरू नहीं हो पायी है। - विकास सिंह, एआर कोआपरेटिव
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