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एससी एसटी आयोग के उपाध्यक्ष मिथिलेश कुमार को किया ब्लैकमेल

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मिथलेश कुमार, पुवायां - फोटो : POWAYAN
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बदायूं। शहर के एक होटल में ठहरे यूपी एससी एसटी आयोग के उपाध्यक्ष व पूर्व सांसद मिथिलेश कुमार को ब्लैकमेल करने का मामला सामने आया है। एक महिला ने उनके फोन पर वीडियो कॉल की। बाद में उसी कॉल को आधार बनाकर उनसे पैसा ऐंठने की कोशिश की गई। महिला कौन है, कहां की रहने वाली है। अभी पता नहीं चला है। सिविल लाइंस पुलिस ने उनकी तहरीर पर मोबाइल नंबर के आधार पर अज्ञात महिला और दो अन्य के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पुलिस और साइबर सेल जांच कर रही है।
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मिथिलेश कुमार भाजपा की ओर से दातागंज विधानसभा क्षेत्र के प्रभारी हैं। इस वजह से उनको बदायूं में भी रहना पड़ रहा है। उनकी ओर से सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक सात फरवरी की रात वह शहर के एक होटल में ठहरे हुए थे। इसी दौरान रात 11 बजे उनके व्हाट्सएप नंबर पर वीडियो कॉल आई। जब उन्होंने कॉल रिसीव की तो उस पर एक महिला की आपत्तिजनक तस्वीर दिखाई दी। वह समझ नहीं पाए कि क्या मामला है। उन्होंने तुरंत कॉल समाप्त कर दी। इतनी ही देर में महिला ने उनका फोटो लिया। कुछ देर बाद महिला ने कॉल करके उनसे 10 हजार रुपये मांगे। उन्होंने रुपये देने से मना कर दिया और उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।
मंगलवार को फिर उनके पास कॉल आई और फोन करने वाले ने खुद को साइबर सेल का एसएचओ गौरव मल्होत्रा बताया। कहा कि उसके पास उनकी वीडियो आई है, जो यूट्यूब पर अपलोड है। उसने एक नंबर पर बात करने को कहा। मिथिलेश कुमार ने उसके बताए नंबर पर बात की। जवाब आया कि आधे घंटे में 25125 रुपये जमा कर दो तो वीडियो रोक दी जाएगी। उस महिला को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अन्यथा इस वीडियो को वायरल कर देंगे और तुम कहीं मुंह दिखाने लायक नहीं रहोगे। इससे मिथिलेश कुमार ने उसके बताए गूगल पे नंबर पर 25125 रुपये दो किस्तों में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद राहुल शर्मा नाम के व्यक्ति ने कॉल की। उसने अपने पास तीन और वीडियो बताते हुए 75375 रुपये की मांग की। मिथिलेश कुमार के अनुसार उन्हें ब्लैकमेल किया गया है, जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हुआ है। उनसे 25125 रुपये की ठगी हुई है।
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कोई फ्राड कंपनी थी, जिसने मुझे फोन कर फंसाने और बाद में ब्लैकमेल करने का प्रयास किया। मैं बदायूं के एसएसपी से मिला और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- मिथिलेश कुमार, उपाध्यक्ष एससीएसटी आयोग उप्र
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सिविल लाइंस थाने में यह मामला दर्ज हुआ है। आरोपियों की तलाश कर उन्हें जेल भेजा जाएगा।
- आलोक मिश्रा, सीओ सिटी बदायूं
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पंचायती राज राज्यमंत्री, सांसद, विधायक रह चुके हैं मिथिलेश कुमार
बदायूं। शाहजहांपुर जिले के पुवायां के अगौना बुजुर्ग गांव के रहने वाले अनुसूचित वर्ग के नेता मिथलेश कुमार वर्ष 2002 में पुवायां से भाजपा के समर्थन से निर्दलीय विधायक चुने गए थे। वर्ष 2002 के चुनाव बाद सपा सरकार का गठन होने पर मिथिलेश कुमार को पंचायती राज्यमंत्री बनाया गया था। इसके बाद 2009 में वह शाहजहांपुर से सपा से सांसद का चुनाव जीते। 2012 में मिथलेश की पत्नी शकुंतला देवी सपा से पुवायां की विधायक बनी। 2014 में मिथलेश कुमार सपा के टिकट से दोबारा लोकसभा का चुनाव लड़े, लेकिन हार गए थे। सात जनवरी 2016 को जिला पंचायत अध्यक्ष पद पर सपा प्रत्याशी नीतू सिंह की हार के बाद सपा ने मिथलेश कुमार को छह साल के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया था, लेकिन एमएलसी चुनाव को देखते हुए 16 फरवरी 2016 को उनका निष्कासन समाप्त कर दिया गया। 2017 के विधानसभा चुनाव में उनकी पत्नी शकुंतला देवी को फिर से सपा ने पुवायां से टिकट दिया, लेकिन वह हार गईं। 2019 में सपा और बसपा का गठबंधन हो गया था, सीट बसपा के खाते में चली गई। तब हवा का रुख भांपकर मिथलेश कुमार 25 मार्च 2019 को भाजपा में शामिल हो गए थे। भाजपा में आने के बाद 12 मार्च 2021 को मिथलेश कुमार को भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति का सदस्य और 16 जून 2021 को उन्हें एससीएसटी आयोग का उपाध्यक्ष मनोनीत किया गया था। संवाद
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