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धांधली की जांच करने वाले अधिकारी अब चना गोदाम देखेंगे

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लखीमपुर खीरी। सरकारी गेहूं खरीद हो रही धांधली के मामले लगातार उजागर हो रहे हैं। अब तक तीन क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ फूलबेहड़ और सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई जा चुकी हैं, जबकि बिचौलिए से खरीद करने के मामले में पसगवां के एक क्रय केंद्र को ही बंद करके मैगलगंज मंडी में स्थानांतरित किया जा चुका है। खास यह कि इन सब मामलों की जांच करने वाले क्षेत्रीय विपणन अधिकारी को लखनऊ चना गोदाम से संबद्ध कर दिया गया है।
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सदर तहसील क्षेत्र के दो थानों फूलबेहड़ और सदर कोतवाली में अब तक दर्ज मामलों की जांच क्षेत्रीय विपणन अधिकारी (एएमओ) प्रमोद गुप्ता को सौंपी गई थी। 15 अप्रैल को क्रय केंद्र खुलने के बाद से ही अनाज माफिया सक्रिय हैं। उनके एजेंट बतौर बिचौलिया क्रय केंद्रों पर तैनात हैं। इसका खुलासा राजापुर मंडी स्थित विपणन शाखा के क्रय केंद्र द्वितीय पर हुआ, जहां पर किसान से 37 रुपये प्रति क्विंटल धन उगाही करने वाला आरोपी खुद को इस केंद्र के हैंडलिंग ठेकेदार का प्रतिनिधि बताया। इसकी बाकायदा किसान ने वीडियो क्लिप भी बनाई थी। जांच अधिकारी एएमओ प्रमोद गुप्ता ने इस मामले की रिपोर्ट तैयार की। जांच के दो दिन बाद ही छह मई 2020 को खाद्य एवं विपणन विभाग लखनऊ ने अपने आदेश से एएमओ को यहां से हटाकर लखनऊ स्थित चना गोदाम में संबद्ध कर दिया। इसके बाद जिला खाद्य विपणन अधिकारी लालमणि पांडेय ने जांच का जिम्मा दूसरे एएमओ रामस्वरूप को सौंपा, जिनकी की तहरीर पर केंद्र प्रभारी समेत तीन लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
पीसीयू के दो केंद्र प्रभारियों पर एएमओ प्रमोद दर्ज करा चुके एफआईआर
एएमओ प्रमोद गुप्ता ने फूलबेहड़ में संचालित पीसीयू (प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन) के दो क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद मेें गड़बड़ी पकड़ी थी, जहां पर बिचौलियों के माध्यम से गेहूं खरीदा जा रहा था। क्रय केंद्रों पर किसानों से कम गेहूं खरीदा गया था, जबकि एफसीआई गोदाम में ज्यादा मात्रा में गेहूं भेजा गया था। प्रमोद गुप्ता ने पीसीयू के क्रय केंद्र फूलबेहड़ और इसी एजेंसी के क्रय केंद्र करसौर के दोनों केंद्र प्रभारियों के खिलाफ फूलबेहड़ थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी।
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क्रय केंद्रों पर ऐसे चल रहा माफियागिरी का खेल
गेहूं क्रय केंद्रों पर किसानों से गेहूं खरीदने की जिम्मेदारी केंद्र प्रभारी को दी गई है, लेकिन हालात इसके उलट हैं। यहां गेहूं की तौल और ढुलाई के लिए नियुक्त हैंडलिंग ठेकेदार पूरी तरह काबिज हो गए हैं, जो केंद्र प्रभारियों से साठ गांठ कर किसानों से अपने एजेंट के माध्यम से धन उगाही करते हैं। इसके अलावा बिचौलियों के माध्यम से गेहूं खरीदकर सरकारी खरीद दिखाई जा रही है। भुगतान के लिए कुछ किसानों को सेट किया गया है, जो कुछ पैसे के लालच में आकर माफिया के साथ हो लिए हैं।
गेहूं खरीद में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित केंद्र प्रभारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार की मंशा के अनुरूप खरीद में पूरी पारदर्शिता से खरीद कराई जा रही है। आगे भी गड़बड़ी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। एएमओ का तबादला किस आधार पर हुआ, इसके बारे में जानकारी नहीं है।
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-शैलेंद्र कुमार सिंह, डीएम
मुख्यालय से आदेश जारी कर एएमओ प्रमोद गुप्ता को लखनऊ में संबद्ध किया गया है। उनके स्थान पर एएमओ रामस्वरूप को चार्ज दिया गया है।
- लालमणि पांडेय, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
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