पीलीभीत। लॉकडाउन में निर्धारित समय के बाद भी केशोपुर गांव में शुक्रवार रात को नौ बजे दुकान खोलकर ओवररेट सामान बेच रहे एक दुकानदार ने शिकायत पर आई बरखेड़ा थाने की पुलिस टीम पर हमला कर दिया। परिवार वालों के साथ मिलकर किए गए इस हमले में थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए। बाद में भागते समय छत से गिरकर दुकानदार भी घायल हो गया।
बरखेड़ा इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी शुक्रवार रात करीब आठ बजे क्षेत्र में घूम रहे थे। केशोपुर गांव पहुंचने पर कुछ लोगों ने उन्हें बताया कि गांव का सुनील गंगवार रात में भी किराने की अपनी दुकान खोलकर सैनिटाइजर, मास्क समेत अन्य खाद्य पदार्थों की अधिक दाम पर बेच रहा है। इस शिकायत पर इंस्पेक्टर वहां पहुंचे और ओवररेटिंग की जांच करते हुए दुकान बंद करने को कहा। इस पर दुकानदार सुनील ने अपने परिवार वाले और आसपास के कुछ लोगों के साथ मिलकर हमला कर लाठी-डंडे से पीटना शुरू कर दिया। पुलिस कर्मियों के मुताबिक उनके गले भी दबाने की कोशिश की गई। हमले में इंस्पेक्टर उमेश सिंह सोलंकी, दरोगा रामगोपाल आर्य और सिपाही अंकित कुमार घायल हुए। वायरलेस पर हमले की खबर मिलने पर अतिरिक्त फोर्स पहुंचा। इसके बाद हमलावर भाग गए। दुकानदार सुनील पुलिस से बचने को छत से कूदा तो वह भी गिरकर घायल हो गया। घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया, जहां से इंस्पेक्टर सोलंकी और दुकानदार को बरेली के मेडिकल भेज दिया गया। इस बीच एएसपी रोहित मिश्र पुलिस बल के साथ गांव पहुंचे और जानकारी जुटाई। दरोगा की ओर से नौ नामजद समेत 29 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। एसपी अभिषेक दीक्षित ने कहा कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नौ हुए नामजद और 13 धाराएं लगाई
दरोगा रामगोपाल आर्य की तरफ से सुनील कुमार गंगवार, हरेंद्र कुमार, मुनेंद्र कुमार, प्रभुदयाल, सुरेंद्र, ज्वालाप्रसाद, मिढ़ईलाल, कपलेंद्र उर्फ कपिल, जयप्रकाश और 20 अज्ञात पर रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसमें बलवे की धारा 147 व 149, सरकारी कार्य में बाधा संबंधी 332, 333, 353, गाली-गलौज की 504, जानलेवा हमले की 307, नियमों की अवहेलना करने संबंधी धारा 269, 270, क्वारंटीन के नियम को तोड़ने की धारा 271, महामारी अधिनियम की धारा 3 व 4 और एसीएसटी एक्ट की धारा लगाई गई है।
लॉकडाउन का उल्लंघन कर खोली गई किराना दुकान में ओवररेटिंग की शिकायत पर पुलिस गई थी। तभी दुकानदार ने साथियों संग हमला कर दिया। घायल पुलिसकर्मी अस्पताल भर्ती कराए गए हैं। एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है, सख्त कार्रवाई होगी। - अभिषेक दीक्षित, एसपी