बदायूं। सहसवान तहसील के लॉकअप में हालत बिगड़ने के बाद हुई बकायेदार की मौत के मामले में सीजेएम राकेश कुमार तिवारी ने एसडीएम, तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। बकायेदार को मौत से करीब 11 दिन पूर्व बिजली बिल की बकाया राशि जमा न करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। परिवार वालों का आरोप था कि बकायेदार को लॉकअप से निकालकर पीटा गया था।
जरीफनगर कस्बे के बकायेदार ब्रजपाल शाक्य (40) की मौत 3 अक्तूबर 2019 को हुई थी। उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी की ओर से दायर 156 (3) के तहत परिवाद के अनुसार ब्रजपाल देसी दवाओं की दुकान चलाते थे। नवंबर 2018 में पावर कॉरपोरेशन ने उनके खिलाफ दुकान में बिजली चोरी करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन पर 81947 रुपये का जुर्माना डाला था। राजस्व विभाग ने उनकी आरसी काटी थी, लेकिन ब्रजपाल जुर्माना राशि जमा नहीं कर सके।
22 सितंबर को तहसीलदार धीरेंद्र कुमार, अमीन आशाराम दो होमगार्डों के साथ उनके घर पहुंचे और ब्रजपाल को पकड़कर तहसील ले गए। आरोप है कि उसके बाद ब्रजपाल की लॉकअप से निकालकर लात घूंसों से पीटा गया। इससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। 3 अक्तूबर को भी पीटा गया। उन्हें खून की उल्टी आई तो लॉकअप में बंद अन्य बकायेदारों ने शोर मचाया। फिर जैसे-तैसे ईंट से लॉकअप का ताला तोड़कर ब्रजपाल को सामुदायिक स्वास्थ्य ले जाया गया, जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया लेकिन रास्ते में उनकी मौत हो गई।
परिवार वालों ने सहसवान के तत्कालीन एसडीएम संजय कुमार सिंह, तहसीलदार धीरेंद्र सिंह, नायब तहसीलदार राजकुमार सिंह, क्षेत्रीय अमीन आशाराम और दो अज्ञात होमगार्ड के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इस पर ब्रजपाल की पत्नी लक्ष्मी देवी ने सीजेएम राकेश कुमार तिवारी की अदालत में परिवाद दायर किया। जिस पर कोर्ट ने थाने से आख्या मिलने के बाद सभी अधिकारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना करने के आदेश दिए हैं।