फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराजिता बनकर दिखाया.. शोहदों को रंगे हाथों पुलिस से पकड़वाया

विज्ञापन
विज्ञापन
इस्लामिया गर्ल्स कॉलेज की चार छात्राओं ने दिखाया हौसला, महीने भर से कर रहे थे परेशान
विज्ञापन

बरेली कॉलेज की छात्रा से भी करते थे छेड़खानी पॉक्सो एक्ट के तहत छेड़खानी की रिपोर्ट
बरेली। इस्लामिया गर्ल्स कॉलेज की जिन छात्राओं को मजबूर समझकर शोहदों ने करीब महीने भर से उनका जीना दूभर कर दिया था, उन्होंने सोमवार को साबित कर दिया कि वे मजबूर और बेबस नहीं बल्कि ऐसी अपराजिता हैं जो ऐसे शोहदों को अच्छी तरह सबक सिखाना जानती हैं। छात्राओं की प्लानिंग के बाद सोमवार को जब पुलिस ने शोहदों को रंगे हाथों श्यामगंज चौराहे पर दबोचा तो उनके होश फाख्ता हो गए। दोनों शोहदे काफी देर छात्राओं के आगे गिड़गिड़ाते रहे लेकिन पुलिस ने पॉक्सो एक्ट के तहत छेड़खानी का मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया।
शोहदों के खिलाफ हौसला दिखाने वाली इस्लामिया गर्ल्स कॉलेज की चारों छात्राएं पुराना शहर की हैं जो साइकिल से रोजाना कॉलेज आती-जाती हैं। छात्राओं के मुताबिक करीब महीने भर से दो शोहदे कभी कार तो कभी बाइक से उनके घर से निकलते ही पीछे लग जाते थे। कई बार रास्ते में अकेला पाकर उन्हें रोक तक लेते थे। छात्राओं ने कई बार विरोध जताने के साथ उन्हें समझाया लेकिन फिर भी वे लगातार उनका पीछा कर छेड़खानी करते रहे। उल्टे उनकी हरकतें बढ़ने लगीं। तीन दिन पहले छात्राओं ने प्रधानाचार्य चमन जहां को पूरा मामला बताया तो उन्होंने बारादरी इंस्पेक्टर नरेश त्यागी से मदद मांगी। त्यागी के निर्देश पर महिला दरोगा रजनी अपनी टीम के साथ दो दिन से छात्राओं के संपर्क में थीं।
विज्ञापन

सोमवार को भी जब शोहदों ने छात्राओं का पीछा किया तो वे श्यामगंज चौकी के पास एक स्वीट हाउस में घुस गईं। बेखौफ शोहदे बाहर अपनी बाइक खड़ी कर उनके लौटने का इंतजार करने लगे। इसी बीच प्लान के मुताबिक छात्राओं ने दरोगा रजनी को कॉल करके अपनी और आरोपियों की लोकेशन बता दी। उनकी बाइक का नंबर भी बता दिया। थोड़ी ही दूर मौजूद पुलिस ने आकर बाइक पर आराम फरमा रहे शोहदों को दबोचा तो वे हक्के बक्के रह गए। पुलिस ने उनकी सड़क से खबर लेते हुए थाने ले गई। इसी दौरान पहुंची बरेली कॉलेज की एक छात्रा ने भी पुलिस को बताया कि ये दोनों शोहदे उसे भी काफी समय से तंग कर रहे थे। बरेली कॉलेज की छात्रा की ही ओर से आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट कराई गई है।
विज्ञापन


कार से आते थे पीछा करने, पकड़े गए तो बोले- बकरी के लिए पत्ते लेने आए थे 
पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपियों में से एक चक महमूद में रहने वाला दिलशाद पुत्र हनीफ और दूसरा कांकरटोला का गुलशन पुत्र सुल्तान निकला। थाने में बैठे आरोपी खुद को निर्दोष बताते रहे। एक कह रहा था कि वह तो बकरी को पत्ते लेने आया था, पुलिस ने फिजूल में पकड़ लिया। पुलिस आरोपियों की बाइक पहले ही ले आई थी। बाद में घर से उनकी कार भी खिंचवा ली। तस्दीक में पता लगा कि दोनों काफी समय से छात्राओं को परेशान कर रहे थे। सुबह शाम छात्राओं का पीछा और दिन भर आवारागर्दी करते थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें