मकान मालिक ने दरवाजा तोड़कर उतारा, अस्पताल लाने पर बची जान
सुबह सास से झगड़ा होने की वजह से डिप्रेशन में थी नेहा
सास ने बहू के खिलाफ लिखाई आत्महत्या की कोशिश की रिपोर्ट
बरेली। इज्जतनगर क्षेत्र के गांव तुलाशेरपुर में सास से झगड़ा होने पर डिप्रेशन में आई विवाहिता देवरानी के बेटों के पराठा मांगने पर भन्ना गई। उसने फंदा लगाकर जान देने की कोशिश की। ऐन मौके पर पहुंचे मकान मालिक ने दरवाजा तोड़कर उसे उतारा और परिवार की मदद से निजी अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने सास की ओर से उसके खिलाफ आत्महत्या की कोशिश करने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
तुलाशेरपुर के दीपक देहरादून की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। उनकी शादी छह साल पहले शाहजहांपुर की नेहा से हुई थी। उनकी दस माह की बेटी है। दीपक की मां कमलेश ने रविवार सुबह पुलिस को फोन कर कहा कि बहू नेहा आत्महत्या की धमकी दे रही है। कमलेश ने नेहा के मायके वालों को भी कॉल करके उसकी शिकायत की। इससे नेहा नाराज हो गई और हंगामा करने लगी। इस पर कमलेश ने यूपी-112 पर कॉल करके पुलिस बुला ली। पुलिस के कहने पर नेहा लिखित शिकायत करने के लिए थाने चली गईं।
इधर, घर में गुस्से से भन्नाई नेहा से उसकी देवरानी के बेटे हर्ष और आयुष पराठा खाने की जिद करने लगे, तभी नेहा ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और पंखे से साड़ी का फंदा बांधकर लटक गई। बाहर खड़े बच्चों ने शोर मचाया तो मकान मालिक कृष्णपाल ने दरवाजा तोड़कर नेहा को फंदे से उतारा। सूचना पर इज्जतनगर इंस्पेक्टर केके वर्मा मौके पर पहुंच गए। बेहोश नेहा को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। इलाज के बाद उसकी हालत में सुधार हो गया। सास कमलेश ने बताया कि उनके छोटे बेटे सुनील और उसकी पत्नी सपना की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे हर्ष और आयुष हैं, जिनकी देखरेख का जिम्मा अब परिवार के बाकी लोगों पर है। दोनों बच्चे नेहा से पराठा खाने की जिद कर रहे थे। इस पर नेहा का पारा और चढ़ गया और उसने इस तरह की हरकत कर दी। वह पहले भी कई बार फंदा लगाकर आत्महत्या करने और पूरे परिवार को फंसाने की धमकी दे चुकी है। एसएसआई सिरोही ने बताया कि सास की तहरीर पर नेहा के खिलाफ आत्महत्या की कोशिश की रिपोर्ट दर्ज की गई है। उसके मायके वालों को सूचना देकर बुलाया गया है।