ट्रेक ने स्कूटर सवार महिला को मारी टक्कर
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रुद्रपुर की डाबर कंपनी के कर्मचारी शेर मोहम्मद ने नौकरी छूटने के बाद लुटेरों से दोस्ती कर ली। वह माल से भरे ट्रकों की लोकेशन देकर उन्हें लुटवाने लगा। मगर एक ही अंदाज में लूट के बाद मेरठ का यह गैंग बरेली क्राइम ब्रांच के निशाने पर आ गया। हालांकि मास्टरमाइंड शेर मोहम्मद अभी फरार है।
बदमाशों से पूछताछ में पता लगा कि परीक्षितगढ़ मेरठ का शेर मोहम्मद उर्फ पहलवान रुद्रपुर की डाबर कंपनी में काम करता था। इससे उसे डाबर के साथ ही दूसरी कंपनियों के ट्रकों के नेटवर्क की जानकारी हो गई थी। नौकरी छूटने के बाद वह अपने दोस्त साहिल के गैंग में शामिल हो गया। वह गैंग को माल लदे ट्रकों और उनमें मौजूद स्टाफ की सूचना देता था।
गैंग के ही साजिद ने डेढ़ लाख रुपये की किस्त देकर कैंटर खरीदा था, जिसे रात को लूट में इस्तेमाल किया जाता था। कुछ बदमाश आगे, बाकी पीछे असलहे लेकर बैठते थे। यह गैंग ढाबों से ट्रक के पीछे लगता था और रास्ते में कैंटर से ट्रक ओवरटेक करके टक्कर मारने का बहाना बनाकर ड्राइवर से झगड़ा करके रुकवा लेते थे। फिर सुरक्षित स्थान पर ले जाकर माल लूट लेते थे और ट्रक व ड्राइवर को छोड़कर फरार हो जाते थे।
कपिल अपनी एजेंसी से बिकवाता था माल
आरोपी कपिल त्यागी अपनी एजेंसी से लूट का माल थोक विक्रेताओं को बेच देता था। वह अपनी फर्म के माल में ही इसे शामिल कर रसीद भी दे देता था। इससे दुकानदारों को कभी भनक नहीं लगी कि वे लूट का माल खरीद रहे हैं।