धोखे से अंगूठा लगवाकर पहले जमीन छीनी, भाई ने एतराज किया तो अपनी बीमारी के बहाने बुलाकर जहर खिलाया
अदालत ने दिया बेटी-दामाद समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश
बरेली। बेटी कुछ ही दिन पहले धोखे से अंगूठा लगवाकर सारी जमीन-जायदाद अपने नाम लिखवा चुकी थी लेकिन फिर भी उसने अपनी बीमारी की झूठी खबर देकर तीमारदारी के लिए बूढ़ी मां को बुलाया तो वह उसके घर जाने से खुद को नहीं रोक पाई। मगर इस बार बेटी का इरादा कुछ और था। कुछ ही दिन बाद अचानक बेटी के घर में ही मां की मौत हो गई। लोगों ने उसका पूरा शरीर नीला देखा तो साफ हो गया कि उसकी जहर देकर हत्या की गई है। मंगलवार को अदालत ने इस मामले में बेटी और दामाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया।
घटना फरीदपुर इलाके के गांव टोडी मजरा की है। गांव के रहने वाले धर्मपाल की ओर से अदालत में वकील अजमत उल्ला खां राजा के जरिये दाखिल की गई अर्जी के मुताबिक उसकी मां पूनो देवी को एक साल पहले उसकी बहन रीता देवी ने फोन करके अपने घर बुलाया था। कुछ दिन बाद जब पूनो देवी घर लौटीं तो उन्होंने उसे बताया कि रीता देवी उन्हें एक दिन अपने पति विजेंद्र पाल और अजय पाल, जगदीश, भजन लाल आदि के साथ टेंपो में बैठाकर कहीं ले गई थी, वहां कुछ कागजात पर उनका अंगूठा लगवा लिया। धर्मपाल ने अपनी बहन रीता को फोन करके इसका कारण पूछा तो उसने यह कहकर टाल दिया कि एक मामले में उसने मां पूनो देवी से गवाही कराई थी।
धर्मपाल को बहन की बात पर यकीन नहीं हुआ तो उसने मां के नाम चल रही जमीन की खतौनी निकलवाकर जांच कराई। पता चला कि जमीन रीता देवी ने अपने नाम लिखवा ली है। धर्मपाल ने कुछ लोगों को बीच में डालकर रीता से बात की तो उसने जल्द ही बैनामा रद्द करा देने का भरोसा दिला दिया। आरोप है कि 26 जुलाई 2019 को दामाद विजेंद्र पाल ने पूनो देवी को फोन करके बताया कि रीता की तबीयत अचानक खराब हो गई है और उसकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। बेटी की तीमारदारी करने जब पूनो देवी उसके घर पहुंची तो वहां रीता को ठीकठाक देखकर हैरान हो गईं। फिर भी रीता ने मान-मनुहार कर मां को अपने घर पर ही रोक लिया। इसके बाद पांच अगस्त को फोन कर धर्मपाल को सूचना दी की कि मां की मौत हो गई। धर्मपाल कुछ और लोगों के साथ रीता के घर पहुंचा तो पाया कि मां पूनो देवी की शरीर नीला पड़ गया था। इसके बावजूद रीता और उसके पति ने दबाव डालकर जबरन पूनो देवी का अंतिम संस्कार करा दिया। धर्मपाल ने बाद में बहन और बहनोई के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी। रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो अदालत का दरवाजा खटखटाया। अदालत ने थानाध्यक्ष को रीता और उसके पति विजेंद्र समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखने का आदेश दिया है।