बरेली। भाजपा के पूर्व सांसद विनय कटियार को फोन पर धमकी देने के आरोपी मकसूद से दिल्ली पुलिस और बरेली क्राइम ब्रांच तीन दिन पूछताछ के बावजूद कोई नतीजा नहीं निकाल सकीं। फिलहाल उसे बेकसूर मानते हुए किराये के लिए दो सौ रुपये देकर मां के साथ घर भेज दिया। घर पहुंचकर उसने एक और कहानी बना दी। बोला- मैंने तो कोटेदार विनोद कटियार को फोन किया था, विनय कटियार को कॉल कैसे चली गई, पता नहीं।
पूर्व सांसद विनय कटियार को 11 दिसंबर को दिल्ली में फोन करके धमकी दी गई थी। दिल्ली के नार्थ एवेन्यू थाने में एनसीआर दर्ज की गई। दिल्ली पुलिस की जांच में धमकी देने वाला मोबाइल नंबर नवाबगंज के गांव बसंगा निवासी भूरा का निकला। शुक्रवार रात दिल्ली पुलिस ने भूरा को पकड़ा तो उसने बताया कि यह नंबर उसका चाचा मकसूद चला रहा है। तब एक पैर से दिव्यांग मकसूद को भी उठा लिया गया। दिल्ली पुलिस और क्राइम ब्रांच ने तीन दिन मकसूद से पूछताछ की। इस दौरान वह सिरफिरों जैसी हरकतें करता रहा। उसने कहा कि वह राम मंदिर मामले में विनय कटियार का भाषण देखकर गुस्से में आ गया और उन्हें कॉल कर दी थी। मगर मकसूद का कोई आपराधिक रिकार्ड न मिलने पर रविवार को उसकी मां गौहर की सुपुर्दगी में दे दिया। घर जाने को किराया न होने पर टीम ने उन्हें दो सौ रुपये भी दिए। इस बीच तीनों दिन मकसूद के खाने पीने का खास ध्यान रखा गया। वहीं, घर पहुंचकर मकसूद ने नई कहानी बना दी। बोला- उसने तो अपने कोटेदार विनोद कटियार को कॉल की थी, विनय कटियार को कॉल कैसे चली गई, पता नहीं। मां ने बताया कि मकसूद के पास दो किताबें हैं, जिनमें बड़े लोगों और अफसरों के नंबर हैं। वह मौका देखकर किसी न किसी को कॉल कर देता है। अब वह उससे किताबें और मोबाइल छीन लेंगी।