भाषा समझ में न आने से महिला के बारे में नहीं लगा कुछ पता
आंवला। शुक्रवार शाम बरेली-दिल्ली पैसेंजर ट्रेन को आता देख एक महिला दो मासूम बच्चों को लेकर ट्रैक पर बैठ गई। इससे हड़कंप मच गया। वहां मौजूद यात्रियों ने ट्रेन के महिला के नजदीक पहुंचने से चंद सेकेंड पहले ही उसे बच्चों समेत खींचकर ट्रैक से हटाया। बाद में महिला और उसके बच्चों को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया। आरपीएफ ने महिला से पूछताछ कर उसके बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश की, लेकिन उसकी भाषा समझ में न आने से उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। हालांकि बोलचाल से महिला के बंगाल की होने का अनुमान लगाया जा रहा है।
शुक्रवार शाम बरेली से दिल्ली जा रही पैसेंजर ट्रेन जैसे ही रेलवे प्लेटफार्म की सीमा में पहुंची अचानक एक महिला तेजी से ट्रैक की ओर बढ़ी और अपने दो बच्चों के साथ ट्रैक पर बैठ गई। बच्चों में एक डेढ़- दो साल और दूसरा करीब छह माह का है। महिला के बच्चों के साथ ट्रैक पर बैठने से स्टेशन पर हड़कंप मच गया। ट्रेन ड्राइवर ने भी महिला को ट्रैक पर बैठे देख लिया। उसने गाड़ी की स्पीड कम कर कई बार हॉर्न बजाया, लेकिन महिला ट्रैक से नहीं हटी। इस पर आसपास मौजूद यात्री दौड़कर महिला के पास पहुंचे और उसे बच्चों समेत खींचकर ट्रैक से हटाया। शोर-शराबा होने पर आरपीएफ स्टाफ भी मौके पर पहुंच गया। यात्रियों ने महिला और उसके दोनों मासूम बच्चों को रेलवे सुरक्षा बल के हवाले कर दिया। रेलवे सुरक्षा बल स्टाफ ने महिला से पूछताछ की, लेकिन उसकी भाषा किसी की समझ में नहीं आई, लिहाजा उसके बारे में कुछ पता नहीं चल सका। चौकी इंचार्ज सतपाल मीणा ने बताया महिला और बच्चों के पास से कोई ऐसी चीज भी नहीं मिली है, जिससे उनकी पहचान हो सके। उसकी भाषा भी समझ में नहीं आ रही है। हालांकि बोलचाल से महिला के बंगाल की होने का अनुमान लगाया जा रहा है। देर शाम महिला को थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस महिला के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।