भमोरा। तीन साल के बच्चे की बलि देने की कोशिश का मामला आखिर भमोरा पुलिस ने रफा-दफा कर दिया। दोनों ओर के दो लोगों का शांति भंग में चालान जरूर किया है। मौके से पकड़े गए तांत्रिक को थाने से छोड़ दिया गया है। पुलिस का दावा है कि खेत के विवाद में बलि की कोशिश की झूठी तहरीर दी गई थी।
भमोरा के गांव भोजपुर निवासी राम निवास का पिता ओम प्रकाश काफी समय से बीमार है। रविवार को राम निवास ने अपने घर पर अपने गुरु बदायूं के मूसाझाग निवासी तांत्रिक मुन्ना लाल को बुलाया था। गांव के राज बहादुर ने आरोप लगाया था कि राम निवास ने उसके तीन साल के बेटे अंकुर की तांत्रिक किया में बलि देने की कोशिश की। लापता अंकुर को तलाशते हुए वह शक होने पर राम निवास के घर पहुंचा तो बाहर अंकुर बेहोशी की हालत में पड़ा मिला। आरोप है कि अंदर मुन्ना लाल तंत्र क्रिया कर रहा था। गांव के लोगों के साथ मुन्ना लाल को पकड़ कर उसने पुलिस के सुपुर्द कर दिया था। थाना प्रभारी श्याम सिंह का कहना है कि जांच में राज बहादुर और राम निवास के बीच पहले से रंजिश के साथ खेत का विवाद सामने आया है। इसी विवाद में उसने राम निवास को फंसाने के लिए झूठी तहरीर दी। रविवार को दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ था। राज बहादुर और दूसरे पक्ष के राम निवास के भाई राम बहादुर का चालान किया गया है।