बरेली। पराली जलाने का वीडियो यूपी पुलिस के ट्वीटर हैंडल पर डालने वाले एलएलबी स्टूडेंट को एनएसए लगाकर सांप्रदायिक मामले में जेल भेज देने की धमकी देने के मामले में इंस्पेक्टर शीशगढ़ आखिरकार बैकफुट पर आ गए। सोमवार को इस मामले में एडीजी से शिकायत के बाद उनके स्टाफ ऑफिसर ने इंस्पेक्टर को फोन किया तो उन्होंने सफाई दी कि वह अयोध्या प्रकरण पर फैसले को लेकर तनाव में थे। इसी बीच लखनऊ से कॉल आई तो उन्होंने समझा कि किसी ने सांप्रदायिक वीडियो डाल दिया है। इसी वजह से उन्होंने युवक को फोन पर डांट दिया था।
एडीजी से मिलने पहुंचे टांडाछंगा निवासी इरशाद खां ने उन्हें बताया कि उनका पड़ोसी अपने खेत में पराली जला रहा था। उन्होंने पहले उसे समझाने की कोशिश की फिर भी वह नहीं माना तो उन्होंने वीडियो बनाकर यूपी पुलिस के ट्वीटर हैंडल पर ट्वीट कर दिया। इसके बाद इंस्पेक्टर शीशगढ़ ने उसे कॉल करके तमाम धमकियां दे डालीं। इरशाद ने बताया कि इंस्पेक्टर ने उसे सांप्रदायिकता फैलाने के केस में जेल भेजने की धमकी दी है, इससे उसका पूर परिवार दहशत में है। वह उस पर कोई फर्जी केस करा सकते हैं। एडीजी ने इरशाद को आश्वासन दिया कि सीओ जांच कर रहे हैं, इंस्पेक्टर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इरशाद की शिकायत के बाद एडीजी के स्टाफ ऑफिसर ओपी यादव ने इंस्पेक्टर शीशगढ़ को कॉल की तो उन्होंने सफाई दी कि वह गश्त पर थे। लखनऊ से कॉल करके उन्हें बताया गया कि उनके इलाके के किसी व्यक्ति ने वीडियो डाला है। अयोध्या प्रकरण पर फैसले के वक्त में उन्होंने समझा कि कोई सांप्रदायिक विवाद बढ़ाने वाला वीडियो डाला गया है। इसी कारण युवक को डपट दिया था। उन्होंने यह भी कहा कि युवक के खिलाफ उसके पड़ोसी ने शिकायत की है। इसकी भी पुलिस ने जांच की थी।