बरेली। दीपावली के आसपास नेपाल बार्डर से घुसे छह आतंकियों की लोकेशन श्रावस्ती जिले में मिलने और खुफिया एजेंसियों के पुलिस हेडक्वार्टर में आतंकियों के नाम व फोटो भेजने के बाद नेपाल सीमा से लगे बरेली-लखनऊ जोन के जिलों में शुक्रवार को विशेष सतर्कता बरती गई। उधर, शनिवार को अयोध्या पर फैसला आने के मद्देनजर पीलीभीत और लखीमपुर खीरी में पूरी रात उच्चाधिकारियोें के निर्देश पर पुलिस कर्मियों ने बड़ी निगरानी की। इस दौरान एसएसबी जवानों ने भी पूरी रात चेकिंग अभियान चलाया और पहरेदारी की। होटल, स्टेशन और विभिन्न धार्मिक स्थलों पर विशेष नजर रखी गई।
शनिवार को आने वाले अयोध्या फैसले को लेकर पहले से हाईएलर्ट पर आई पुलिस ने लखीमपुर खीरी के नेपाल बार्डर और इससे जुड़े क्षेत्रों मेें शुक्रवार को गहन चेकिंग की। उधर, बरेली जोन के पीलीभीत जिले में भी जिले में पुलिस बार्डर एरिया पर विशेष सतर्क दिखी। खुफिया एजेंसियों के इन्पुट के आधार पर बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों पर विशेष नजर रखी गई। इसके अलावा लखीमपुर खीरी में हर संदिग्ध वाहन की जांच की गई। इस संबंध में पूछे जाने पर एडीजी अविनाश चंद्र ने कहा कि नेपाल के साथ भारत की सात सौ किलोमीटर की सीमा लगती है जो इस वक्त पूरी तरह सीज है। सीमावर्ती क्षेत्रों में चेकिंग जारी है व पुलिस मुस्तैद है।
गौरतलब है कि खुफिया एजेंसियों ने पुलिस अधिकारियों को छह आतंकियों में पांच की पहचान मोहम्मद याकूब, अबू हमजा, मोहम्मद शहवाज, निसार अहमद और कौमी चौधरी के रूप में की है। इनकी लोकेशन श्रावस्ती जिले में मिली है। अयोध्या पर फैसला आने के बाद इन्हें बड़ी वारदात को अंजाम देने के मकसद से भेजने की बात कही जा रही है।