भोजीपुरा (बरेली)। पांच महीने पहले इलाके के गांव जनक जागीर में ताबड़तोड़ चोरी की वारदात, लूट और विरोध पर युवक की हत्या करने वाला गैंग रामपुर के टुंडा बदमाश का था। टुंडा और उसके दो साथियों को पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसके तीन साथी फरार हैं। उनकी तलाश में टीम अब रामपुर में दबिश दे रही है।
जनक जागीर निवासी हरप्रसाद के घर दो जून की रात बदमाशों ने धावा बोलकर सोने-चांदी के जेवर सहित 1.60 लाख रुपये का माल लूट लिया था। इससे पहले इस गैंग ने गांव के कुछ में चोरी की थी। हरप्रसाद के घर में लूट के दौरान उनके बेटे दिनेश उर्फ बबलू ने एक बदमाश को पकड़ लिया था। उसे छुड़ाने के लिए उसके साथियों ने बबलू की गोली मारकर हत्या कर दी और फरार हो गए थे। पुलिस इस घटना में स्थानीय बदमाशों की संलिप्तता मानकर जांच कर रही थी।
सोमवार रात इंस्पेक्टर मनोज त्यागी और क्राइम ब्रांच की टीम ने नौवानगला के बंद पड़े सेलर से बदमाशों की गिरफ्तारी का दावा किया है। पुलिस ने सेलर से आसिफ उर्फ टुंडा पुत्र कल्लू खां निवासी चमरौआ थाना शहजादनगर रामपुर, रामपुर के ही शाहबाद के गांव ललवारा निवासी वाजिद पुत्र नन्हे और भोजीपुरा के केशौपुर निवासी सरफराज पुत्र नसीब खां को तीन तमंचे और सात कारतूसों के साथ दबोच लिया। पुलिस इन्हें लेकर घटनास्थल पर आई और तस्दीक कराई। बदमाशों ने बताया कि उनके रामपुर निवासी तीन साथी भी घटनाओं में साथ थे। इनमें ललवारा गांव निवासी अरकान और गुलाम नवी के साथ ही अजीमनगर थाने के नगरिया निवासी नूर अली शामिल था। बदमाशों ने चोरियों, लूट और हत्या की बात कबूल की। बताया कि सरफराज के बुलावे पर ही वह यहां आए थे। एसपी देहात डॉ. संसार सिंह ने बताया कि आरोपियों को रिमांड पर लेकर कई और वारदातों के बारे में पूछताछ की जाएगी।
टुंडा पर 18 मामले दर्ज, दूसरे जिलों में भी की हैं वारदातें
हिस्ट्रीशीटर आसिफ उर्फ टुंडा पर बरेली, रामपुर और नैनीताल के थानों में 18 मामले दर्ज हैं। उसके साथी वाजिद पर भी 10 केस हैं। इनमें हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती जैसे मामले हैं। स्थानीय बदमाश सरफराज पर भोजीपुरा थाने में ही चार केस दर्ज हैं। सूत्रों के मुताबिक बरेली पुलिस से पूछताछ के दौरान टुंडा ने मुरादाबाद जिले के एक थाना क्षेत्र में डकैती करना भी कबूल की। इस वारदात के बाद वहां के थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। बाद में खुलासा छैमार गैंग दिखाकर कर दिया गया था। अब टुंडा गैंग ने इस वारदात को अंजाम देना स्वीकारा है।