शाहजहांपुर। परौर थाना पुलिस के गैंगरेप के मामले की रिपोर्ट छेड़छाड़ में दर्ज करने के खिलाफ बुधवार को पीड़ित पक्ष के दंपति समेत चार लोग पानी की टंकी पर चढ़ गए। उन्हें टंकी पर चढ़ा देख लोगों में खलबली मच गई। लोगों ने आतंकवादी होने के आरोप में पुलिस के कार्रवाई करने खौफ दिखाया तो चारों लोग नीचे उतर आए। पुलिस ने शांतिभंग की धारा 151 के तहत चारों का चालान कर दिया, जिन्हें एसडीएम कोर्ट ने जमानत पर रिहा कर दिया।
परौर थाना क्षेत्र में रहने वाली एक युवती ने पिछले महीने गैंगरेप और घर में घुसकर मारपीट करने की तहरीर पुलिस को दी थी। आरोपियों में परौर थाना क्षेत्र के बमोरा गांव निवासी कृष्णपाल, उसका बेटा माधव व आशू और कृष्णपाल के भाई देवेंद्र की पत्नी अरुणा शामिल हैं। पुलिस ने छेड़छाड़, मारपीट और धमकी देने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। युवती का आरोप है कि पुलिस ने साठगांठ के चलते कृष्णपाल व उसके बेटों पर गैंगरेप की धारा नहीं लगाई। पीड़ित ने डीएम व एसपी समेत कई अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन मुकदमे में गैंगरेप की धारा नहीं बढ़ाई गई। बुधवार सुबह करीब पांच बजे पीड़ित युवती, उसके माता-पिता और बहनोई कलान स्थित पाइप सेंटर में बनी पानी की टंकी पर चढ़ गए और पुलिस पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए जान देने की धमकी देने लगे। युवती के हाथ में अफसरों को दिया प्रार्थना पत्र था। उधर से गुजरे लोगों ने दो महिलाओं समेत चार लोगों को पानी की टंकी पर चढ़ा देखा उनमें खलबली हो गई उनके बताने पर आसपास के लोग जमा हो गए। लोगों ने उन्हें समझाकर नीचे उतारने की कोशिश की। मगर युवती समेत चारों लोग नीचे आने के बजाय जान देेने की धमकी दे रहे थे। वहां मौजूद कुछ लोगों ने कहा कि टंकी पर चढ़े लोग आतंकी जैसे लगते हैं। फौरन इसकी सूचना पुलिस को दो। आतंकी बनने के डर से कुछ ही देर में चारों लोग नीचे उतरकर जाने लगे। उस समय पुलिस पहुंच गई और चारों को गिरफ्तार कर लिया। थाने ले जाने के बाद चारों का शांति भंग की धारा में चालान कर दिया गया। हालांकि एसडीएम कोर्ट से युवती समेत चारों के जमानत मिल गई।
मेरे से गैंगरेप किया गया। तहरीर देने पर पुलिस ने रिपोर्ट छेड़छाड़ की लिखी। केवल एक आरोपी को जेल भेजा गया। आरोपी मुझे लगातार जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसकी शिकायत एसपी से भी की, लेकिन कहीं न्याय नहीं मिला। परेशान होकर पानी की टंकी से कूदकर जान देने का मन बना लिया। सुबह पांच बजे पानी की टंकी पर चढ़ भी गए, लेकिन लोगों ने आतंकी बताकर भयभीत कर दिया, जिससे नीचे उतरना पड़ा। - पीड़ित युवती
जमीन को लेकर चल रहा विवाद
पुलिस के मुताबिक आरोपी कृष्णपाल के पिता उजागर ने करीब डेढ़ दशक पहले 10-12 परिवारों को गरीब जानकर अपनी जमीन रहने के लिए दी थी। सभी परिवार झोपड़ी डालकर रहते रहे। अब कृष्णपाल अपनी जमीन खाली कराना चाहते हैं। इसी को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। 24 सितंबर 2019 को दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई थी। युवती ने कृष्णपाल, उसके बेटे माधव व अंशु और कृष्णपाल के भाई देवेंद्र की पत्नी अरुणा के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। तफ्तीश के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की जा चुकी है। कृष्णपाल जेल भी जा चुका है। दुष्कर्म का आरोप निराधार है। -सीपी शुक्ला, एसओ परौर
दो घंटे चला ड्रामा, ढाई घंटे बाद पहुंची पुलिस
कलान। इस मामले में पहले परौर पुलिस और बुधवार कलान पुलिस ने लापरवाही की। दंपति समेत चार लोगों के टंकी पर चढ़ने के बाद करीब दो घंटे तक ड्रामा चलता रहा। थाना कस्बे में होने के बावजूद पुलिस करीब ढाई घंटे बाद मौके पर पहुंची।
पीड़ित युवती, उसके माता-पिता और बहनोई मंगलवार की रात को ही कलान पहुंच गए थे। रातभर वहीं राजकीय इंटर कॉलेज के परिसर में रुके। सुबह पांच बजे जाकर टंकी पर चढ़ गए। टंकी बस्ती से कुछ दूर होने के कारण उन्हें चढ़ते हुए तो किसी ने नहीं देखा, लेकिन उन्होंने चीखते हुए पुलिस पर आरोप लगाए तो उधर से गुजर रहे लोगों की नजर पड़ गई। इसकी चर्चा फैली तो कुछ ही देर में भीड़ जमा हो गई। लोग टंकी पर चढ़े लोगों को तरह-तरह से समझाकर नीचे उतारने की कोशिश कर रहे थे। मगर पीड़ित पुलिस पर साठगांठ और आरोपियों पर धमकाने की बात कहकर जान देने कह रहे थे। उन्हीं लोगों के बीच एक व्यक्ति ने कहा कि टंकी पर चढ़े लोग आतंकी जैसे लग रहे हैं। पुलिस को बुलाकर इन्हें पकड़वा दो। आरोपी आतंकी होने का दाग लगने से डर गए और नीचे उतर आए। इसके बाद करीब साढ़े आठ बजे पुलिस मौके पर पहुंची।