बरेली। एक महीने पहले बालाजी धाम कालोनी में स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी के घर भी देर रात हथियार बंद बदमाशों ने डकैती डाली थी। पीड़ित पहले सर्राफ का काम करते थे। डकैत वहां से जेवर समेत नकदी लूट ले गए थे। किला में डकैती और लूट करने वाले बदमाशों से पूछताछ के वक्त उन्होंने इस वारदात को अंजाम देना भी कबूला। हालांकि यहां से लूटा हुआ सामान पुलिस अभी बरामद नहीं कर सकी। घटना के कुछ ही दिन बाद पीड़ित ने वह घर भी छोड़ दिया था।
इज्जतनगर में बैरियर वन चौकी क्षेत्र की बालाजी धाम कालोनी निवासी रविंद्र सिंह जिला अस्पताल की ब्लड बैंक में कार्यरत हैं। उनके घर में 28 सितंबर की रात हथियार बंद बदमाशों ने डकैती डाली थी। पूछताछ में बदमाशों ने बताया कि दरवाजे के पास बनी खिड़की से अंदर हाथ डालकर दरवाजा खोला था। फिर परिवार को तमंचे से डराकर लूटपाट की थी। तीन लोग घर के अंदर घुसे थे। बाकी घर के बाहर ही रुके रहे थे। करीब आधे घंटे तक सामान बटोरने के बाद वह निकल आए थे। घटना में करीब आठ लोग थे। किला डकैती को अंजाम देने वालों में अकरम, कल्लू और छोटू उस वारदात के वक्त मौजूद थे। घटना की शिकायत करने के बावजूद चौकी पुलिस तीन दिनों तक मामला दबाए बैठी रही थी। पुलिस अधिकारियों तक बाद पहुंचने पर मामला की रिपोर्ट लिखी गई थी।
अगर हो जाती कार्रवाई तो नहीं पड़ती डकैती
बालाजी धाम में रविंद्र के घर डकैती करने के बाद ही अगर पुलिस सतर्क हो जाती तो किला में लगातार डकैती और लूट की घटनाएं नहीं होती। पुलिस की ढिलाई के कारण बदमाशों के हौसले बुलंद रहे। मामला खुलने के बाद भी पुलिस ने कई लोगों को उठाकर पूछताछ की थी। लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला था।