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बिसौली में हुए फर्जी खातों से लेनदेन के टेरर फंडिंग से जुड़ते तारों की तलाश

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बदायूं। हवाला के धंधे के लिए बदनाम बिसौली के दबतोरी के कुछ लोगों के टेरर फंडिंग में भी शामिल होने का शक है। यहां पहले बैंकों में फर्जी खाते खोलकर करोड़ों रुपये के लेनदेन के कई मामले सामने आ चुके हैं। इसी के चलते दबतोरी के कई गांवों में दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक समेत कई प्रदेशों की पुलिस कई बार यहां छापा मार चुकीं हैं। कुछ लोग पकड़े भी गए थे। अब टेरर फंडिंग के खुलासे के बाद स्थानीय पुलिस जांच में जुट गई है कि कहीं पूर्व में हुए फर्जी लेनेदेन के तार टेरर फंडिंग से तो जुड़े नहीं हैं।
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बैंकों में फर्जी खाते खोलकर करोड़ों रुपये के लेनदेन के कई मामले सामने आ चुके हैं। दबतोरी गांव में भी कुछ लोग चंद वर्षों में लाखों-करोड़ों रुपये के मालिक बन गए। इनके तार भी नाइजीरियाई हैकरों से जुड़े हैं। 6 मई 2018 को ग्राम दबतोरी मोड़ पर एक नाइजीरियाई पकड़ा गया था। उसका नाम जेम्स ली था। वह नाइजीरिया में डेल्टा शहर का रहने वाला था। उसके साथ ग्राम संग्रामपुर निवासी गुलफाम भी पकड़ा गया था, जबकि साजिदपुर निवासी शानू उर्फ नाजिम और शारिक नबी भाग गए थे। पकड़े गए नाइजीरियाई और गुलफाम से एक लैपटॉप, आठ मोबाइल, चार पासपोर्ट, पांच चेकबुक, 10 पेन कार्ड, तीन आधार कार्ड, दो आईडी, चार एटीएम कार्ड और कई बैंकों की पासबुकें बरामद हुई थीं। हवाला कारोबार से जुड़े कई लोग पकड़े जा चुके हैं। कई संदिग्ध लोगों की सूची पुलिस के पास है। नेपाल के जरिये टेरर फंडिंग का मामला सामने आने के बाद बिसौली क्षेत्र के कई लोग शक के दायरे में हैं। ये लोग भी टेरर फंडिंग गिरोह से जुड़े हो सकते हैं। सीओ बिसौली राघवेंद्र सिंह राठौर ने बताया कि टीम जांच में लगी। अगर कोई टेरर फंडिंग से जुड़ा होगा, तो वह भी सामने आ जाएगा।
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