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पुलिस के छापे से ऐन पहले भाग निकले टेरर फंडिंग के मास्टरमाइंड

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बरेली। नेपाल से जुड़े टेरर फंडिंग मामले में लखीमपुर खीरी के निघासन से पकड़े गए आरोपियों के दो साथी फहीम और सदाकत अली की तलाश में क्राइम ब्रांच-एटीएस की टीम ने इज्जतनगर थाने के गांव परतापुर चौधरी में छापा मारा। शुक्रवार रात से शनिवार तक टीमें उन्हें तलाश करती रहीं लेकिन कामयाबी नहीं मिली। फहीम और सदाकत के परिवार वालों से जरूर पूछताछ की गई मगर उनसे भी कोई खास जानकारी नहीं मिल पाई। ग्रामीणों ने शुक्रवार दोपहर तक दोनों को गांव में देखने की बात कही। पुलिस का मानना है कि टेरर फंडिंग में नाम आने की भनक लगते ही दोनों भाग निकले। सदाकत और फहीम की गिरफ्तारी में नाकाम रहने के बाद उनके नेटवर्क का पता लगाने के लिए शनिवार को थाना इज्जतनगर में पुलिस, एलआईयू, एटीएस और इंटेलीजेंस के लोग घंटों योजना बनाने में जुटे रहे।
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नेपाल को केंद्र बनाकर आतंकियों तक रकम पहुंचाने वाले गिरोह के जिन चार लोगों को शुक्रवार को एटीएस और निघासन पुलिस ने गिरफ्तार किया था, उनमें इज्जतनगर के परतापुर चौधरी गांव का उम्मेद अली और समीर सलमानी शामिल हैं। परतापुर चौधरी के ही फहीम और सदाकत अली भी इनके साथी हैं। उम्मेद और समीर ने बताया था कि फहीम और सदाकत के निर्देश पर ही गिरोह काम करता था। इस गिरोह ने नेपाल के एक बैंक की वेबसाइट भी हैक कर 49 लाख रुपये निकाले थे। इस मामले में विवेचना कर रही लखनऊ एटीएस की एक टीम ने बरेली के अधिकारियों से संपर्क साधा तो शुक्रवार रात एसएसपी ने एसपी क्राइम को कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद क्राइम ब्रांच ने गांव में दबिश दी। हालांकि दोनों आरोपी नहीं मिले, उनके मोबाइल भी बंद थे। सदाकत के परिवार ने बताया कि वह अक्सर दिल्ली में रहता है। फहीम के परिवारवालों ने भी कोई खास जानकारी नहीं दी। अब पुलिस सर्विलांस और मुखबिरों के जरिये उनका पता लगाने की कोशिश कर रही है।
टेरर फंडिंग की विवेचना एटीएस कर रही है। कई दूसरी एजेंसियां भी लगी हुई हैं। पुलिस इन एजेंसियों के मददगार की भूमिका में काम कर रही है। कोई नतीजा मिलते ही जानकारी दी जाएगी। - शैलेश कुमार पांडेय, एसएसपी बरेली
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