बरेली। सांप्रदायिक रूप से संवेदनशील सुर्खा बानखाना में एक मीट शॉप पर गोवंशीय पशु को काटकर मांस बेचने जानकारी पर भाजपा नेताओं ने मौके पर पहुंचकर हंगामा किया। पुलिस ने मांस बरामद करके परीक्षण को भेजा और एक आरोपी को हिरासत में ले लिया। पशु चिकित्सक ने मौके पर प्रारंभिक जांच के बाद मांस गोवंशीय पशु का होने की बात कही। करीब आठ घंटे बाद पुलिस ने इस मामले की रिपोर्ट लिखी। इसमें दुकान मालिक मोहसिन रजा को भी नामजद किया गया है, जो एक धर्मगुरु का दामाद बताया जा रहा है, कार्रवाई टालने को लेकर काफी प्रयास हुए पर भाजपाइयों की पैरवी की वजह से पुलिस को रिपोर्ट लिखनी पड़ी।
भाजपा जिला उपाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह को कई दिन से सुर्खा बानखाना की एक मीट शॉप पर गोवंशीय पशु का मांस बेचने की सूचना मिल रही थी। इस पर उन्होंने बुधवार रात से ही कुछ कार्यकर्ता दुकान के आसपास लगा दिए थे। गुरुवार सुबह छह बजे एक शख्स ठेली पर मांस लेकर आया और दुकान में रखकर ताला लगाकर चला गया। आदेश को पता लगा तो उन्होंने सुबह सात बजे प्रेमनगर इंस्पेक्टर बलवीर सिंह को सूचना दी। कुछ ही देर में इंस्पेक्टर फोर्स लेकर पहुंच गए। जानकारी के बाद उन्होंने दुकान के सामने बने घर में रहने वाले दुकान मालिक मोहसिन रजा को बुलाया। उनसे दुकान की चाबी मांगी तो उन्होंने इसे किराए पर देने की बात कहकर चाबी होने से इंकार कर दिया। तब ताला तोड़ा गया। दुकान से करीब दो क्विंटल मांस बरामद हुआ, उस पर गोवंशीय पशु की खाल और बाल साफ दिख रहे थे। पशु डॉक्टर बुलाकर मांस का सैंपल कराया गया। डॉक्टर ने प्रारंभिक जांच के बाद मांस गोवंशीय पशु का बताया। पुलिस ने मांस जब्त कर दुकान में ताला लगा दिया। यहां आदेश और उनके साथी दुकान मालिक की नामजदगी और गिरफ्तारी पर अड़ गए। काफी देर हंगामा हुआ। इसके बाद इंस्पेक्टर आदेश और उनके साथियों को समझाकर थाने ले आए। यहां पुलिस अज्ञात में नामजदगी के मूड में थी। नामजद करने की बात आई तो भाजपा नेताओं से भी तहरीर मांगी गई। भाजपाई इस पर अड़ गए कि जब पुलिस ने खुद दुकान से मांस बरामद किया है तो उसे खुद ही रिपोर्ट लिखनी चाहिए और दुकान मालिक को भी नामजद करना चाहिए। पुलिस ने आठ घंटे बाद भूड़ा निवासी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया। आरिफ ही यहां मांस लाने और बेचने का काम करता था। इसके बाद आरिफ और दुकान मालिक मोहसिन रजा के खिलाफ दरोगा अवधेश सेंगर की ओर से रिपोर्ट लिख ली गई। मांस, तराजू, बांट आदि की बरामदगी भी दिखाई गई।
दुकान मालिक के भाई को बैठाया
- मौके पर काफी तकरार हुई। दुकान मालिक और भाजपा नेता अपने-अपने दावों पर अड़े थे। इस बीच पुलिस ने दुकान मालिक के भाई को पकड़ लिया। उसे पुलिस थाने ले आई तो दुकान मालिक पर आरिफ की गिरफ्तारी का दबाव बन गया। तीन बजे जब आरिफ पुलिस को मिल गया तो दुकान मालिक के भाई को छोड़ दिया गया।
एक घंटे में खप जाता था मांस
- किसी दूसरी जगह प्रतिबंधित पशु को काटने के बाद तड़के ही मांस दुकान में रखवा दिया जाता था। आरिफ सुबह मांस रखकर जाता और दस बजे आकर इसकी बिक्री शुरू कर देता। गोवंशीय पशु का दो से तीन क्विंटल मांस घंटे भर में ही बिक जाता था। मोबाइल पर आई डिमांड के आधार पर आरिफ कई घरों में मांस को पैक करके भी देने जाता था। 11 बजे तक मांस की बिक्री और सप्लाई कर दुकान बंद कर दी जाती थी। दिखावे को कभी कभार दूसरे पशुओं का भी मांस यहां बेचा जाता था।
पुलिस पर था रफादफा करने का दबाव
- दुकान मालिक एक बड़े धर्मगुरु का दामाद बताया जा रहा है। चर्चा है कि वह पहले भी गंभीर आरोपों में घिर चुका है पर प्रतिष्ठित परिवार से जुड़ाव की वजह से हर बार बच जाता है। इस मामले में भी पुलिस पूरा लिहाज बरत रही थी। पुलिस पर कार्रवाई टालने का बड़ा दबाव भी था पर भाजपाइयों के अड़ जाने से उसे नामजद करना पड़ा।
प्रभारी मंत्री से करेंगे गोकशी की शिकायत
आदेश प्रताप सिंह के मुताबिक आरिफ इस खेल का एक प्यादा भर है, जिसे मासिक वेतन मिलता है। इस खेल में दुकान मालिक समेत कई रसूखदार शामिल हैं। पुलिस कायदे से विवेचना करे तो मोबाइल की कॉल डिटेल से ही कई नाम सामने आ जाएंगे। पुलिस ने दुकान मालिक पर मजबूरी में हल्की धाराओं में कार्रवाई की है। प्रभारी मंत्री के आने पर उन्हें इससे अवगत कराया जाएगा। जरूरत पड़ी तो सीएम से भी मिलेंगे। दोषियों के खिलाफ संगीन धाराओं में चार्जशीट और उन्हें जेल न भेजे जाने तक चैन से नहीं बैठेंगे।
मैं केवल किराया लेता हूं
- मोहसिन रजा का कहना था कि वह केवल दुकान के मालिक हैं। आरिफ उन्हें महीने पर किराया देता है। वह दुकान में क्या बेचता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। इस लिहाज से उनका प्रकरण से कोई लेनादेना नहीं है, उन्हें फिजूल में फंसाया जा रहा है।
जिले भर में चल रहा पशु और मांस तस्करी का धंधा
- शहर समेत जिले भर में गोवंशीय पशुओं की तस्करी और मांस की बिक्री का धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। शहर से घुमंतू पशुओं को देर रात उठाने वाले कई गैंग भी सक्रिय हैं। लग्जरी कारों में रात भर पशुओं और मांस को इधर से उधर ले जाया जाता है। जरा सा टोकने पर पशु तस्कर जानलेवा हमला करने से भी नहीं चूकते। महीने भर पहले सेटेलाइट से पीलीभीत रोड पर तस्करों ने दो लोगों को तमंचा लेकर दौड़ाया था। सूचना के बाद भी जगतपुर और रुहेलखंड चौकी प्रभारी मौके पर नहीं आए और न ही पुलिस भेजी। इस मामले की डीआईजी के आदेश पर सीओ थर्ड जांच कर रहे हैं।
- सुर्खा बानखाना की एक दुकान से गोवंशीय पशु का मांस मिला है। आधिकारिक पुष्टि के लिए मांस का नमूना आईवीआरआई की लैब में भेजा गया है। मांस विक्रेता और दुकान मालिक के खिलाफ रिपोर्ट लिख ली गई है। निष्पक्ष जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। कोई और आरोपी होगा तो उसका नाम भी विवेचना में खोला जाएगा।- अशोक कुमार सिंह, सीओ सिटी