तीन तलाक पीड़ित महिलाओं ने विजय दशमी पर दस बुराइयों का पुतला फूंका। महिलाएं मेरा हक फाउंडेशन के बैनर तले अय्यूब खां चौराहे पर एकत्र हुईं और नारेबाजी करते हुए पुतले को आग के हवाले कर दिया।
इससे पहले फाउंडेशन की अध्यक्ष फरहत नकवी ने कहा कि समाज में उन बुराइयों का खत्म होना जरूरी है, जिससे महिलाओं को जीवन प्रभावित हो रहा है। इसमें भ्रूण हत्या, तीन तलाक, बेटियों की शिक्षा पर रोक टोक, एसिड अटैक के दोषियों को फांसी की सजा मिले, बहु विवाह पर रोक, महिला का उत्पीड़न करने वालों पर सख्त कानून बने, हलाला पर रोक लगे, औलाद न होने पर महिलाओं का उत्पीड़न हो बंद, महिलाओं को नौकरी के लिए न हो रोेक टोक, महिलाओं को न बनाया जाए फतवों का शिकार जैसे मुद्दे हैं।
इस दौरान यहां पर फरहत के नेतृत्व में महिलाएं पहुंची थी। इसमें रेहाना खातून, सोनम, शहनाज, मुस्कान, नसीम बानो, पाकीजा बी, उषा कश्यप, नसीमा, गुलनाज, निशा खान, आसमा खान, शाइस्ता के अलावा इस्लाम सुल्तान, नईम खान, लाल बहादुर गंगवार आदि भी थे।